
ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लॉइज यूनियन की मांग, बोनस का भुगतान 7वें वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन के आधार पर किया जाए
रक्सौल -25 सितंबर। पूर्व में दिए गए कम बोनस के विरोध में रक्सौल रेलवे स्टेशन परिसर में ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लॉइज यूनियन (ECREU) द्वारा बोनस बढ़ोतरी एवं सुधार दिवस मनाया गया। IREF द्वारा तय कार्यक्रम के समर्थन में पूरे पूर्व मध्य रेलवे जोन में यह कार्यक्रम मनाया गया। ECREU के केंद्रीय (जोनल) संयुक्त महासचिव सह IREF के राष्ट्रीय सह-महासचिव रत्नेश वर्मा के नेतृत्व में सभी विभागों में जाकर कर्मचारियों को बोनस के मुद्दे पर एकजुट होने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
श्री वर्मा ने कहा कि बोनस का भुगतान 7वें वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन के आधार पर किया जाए और पूर्व में दिए गए कम बोनस के बढ़े हुए भाग का एरियर भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मियों का पेंशन, वेतन, भत्ता, बोनस अधिकार है, मांगने की चीज नहीं।
उन्होंने कहा कि ECREU द्वारा लेबर कोड की वापसी, पुरानी पेंशन बहाली (OPS), निजीकरण/निगमीकरण बंद करने हेतु निर्णायक आंदोलन का आह्वान किया गया है। 25 सितंबर 2026 को लखनऊ में विजय बंधु के नेतृत्व में होने वाली NMOPS की विशाल रैली में रेलकर्मियों से भागीदारी की अपील भी की गई। कार्यक्रम में रत्नेश वर्मा के साथ शत्रुधन प्रसाद, विवेक कुमार, सुरेश यादव, सोनू कुमार, अजीत कुमार, सित्तू कुमार, राकेश कुमार, राहुल कुमार, कृष्णा कुमार, शिवम कुमार, धर्मनाथ कुमार, संजय कुमार सहित कई रेलकर्मी उपस्थित थे।
यूनियन की प्रमुख मांगें—
चारों लेबर कोड निरस्त हों, NPS/UPS समाप्त कर OPS लागू हो, रेलवे में प्रतिवर्ष 2% पद सरेंडर करने के आदेश पर रोक लगे, सभी रिक्तियों को भर्ती/पदोन्नति से भरा जाए, आउटसोर्सिंग बंद कर नई भर्ती हो, 8वां वेतन आयोग में 6 व्यक्तियों (पति-पत्नी, 2 बच्चे, बूढ़े माता-पिता) को आधार मानकर फिटमेंट फैक्टर 3.5 रखा जाए, 2025-26 का PLB बोनस 7वें वेतन आयोग के आधार पर दिया जाए, 14/2 काला कानून, 55/30 सर्विस रिव्यू समाप्त हो, ट्रैकमैन, गेटमैन, सिग्नल, TRD, C&W सहित सभी विभागों में 8 घंटे ड्यूटी रोस्टर लागू हो, DA के 18 माह (01.01.2020 से 30.06.2021) के एरियर का भुगतान हो, LARSGESS स्कीम पुनः लागू हो, MACP का लाभ प्रत्येक 5 वर्ष पर दिया जाए. इसके अलावा साइकिल भत्ता एरियर, लंबित ट्रांसफर, UMID कार्ड पर कैशलेस इलाज, महिला कर्मियों के लिए सुविधाएं, रेल आवास, बिजली-पानी जैसी स्थानीय समस्याओं के समाधान की भी मांग की गई।



