
मुंबई में श्री अनंत महापूजा का भव्य आयोजन संपन्न, श्रद्धालुओं धारण किया अनंत और प्रसाद ग्रहण
मुंबई- 25 सितंबर। मुंबई के मीरा रोड स्थित शहनाई हॉल में श्री अनंत महापूजा का भव्य आयोजन किया गया। आचार्य श्रीगौरीकान्त झा की देखरेख में आयोजित पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। आचार्य श्रीगौरीकान्त झा ने कहा कि भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा-अर्चना करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि अनंत पूजा की शुरुआत पांडव काल से मानी जाती है। पांडवों ने भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर दुखों से मुक्ति और सुख-समृद्धि के लिए अनंत व्रत रखकर अनंत की पूजा की थी। इसके बाद महर्षि कौंडिन्य और उनकी पत्नी ने भी यह व्रत किया, तब से सनातन धर्म में यह परंपरा चली आ रही है। मोद नारायण झा ने कहा कि अनंत डोरे में 14 गांठें होती हैं, जो भगवान विष्णु के 14 नामों – अनंत, पुरुषोत्तम, ऋषिकेश, पद्मनाभ, माधव, वैकुंठ, श्रीधर, त्रिविक्रम, मधुसूदन, वामन, केशव, नारायण, दामोदर और गोविंद के प्रतीक हैं। हर गांठ पर अलग-अलग नाम से भगवान विष्णु का आवाहन किया जाता है। पूजा में भगवान विष्णु को 14 प्रकार के फल, पकवान और मधु अर्पित किए जाते हैं।
पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने मंत्र –
‘अनन्त संसार महासमुद्रे मग्नं समभ्युद्धर वासुदेव। अनन्त रूपे विनियोजयस्व ह्यनन्त रूपाय नमो नमस्ते।।’ का उच्चारण करते हुए अनंत धारण किया और प्रसाद ग्रहण किया।


