
बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही कई जेलों में एक साथ छापेमारी
पटना- 17 अप्रैल। बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही शासन और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इसी कड़ी में पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर प्रदेश के सभी जेलों में एक साथ सघन तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) चलाया गया। उत्तर बिहार की सबसे महत्वपूर्ण जेलों में शुमार मुजफ्फरपुर स्थित शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में शुक्रवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जिले के आलाधिकारी भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी करने पहुंचे।
तड़के 4:30 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन—
जेल में यह छापेमारी अहले सुबह करीब 4:30 बजे शुरू हुई। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में दर्जनों थानों की पुलिस और भारी संख्या में पुलिस लाइन के जवानों ने जेल परिसर को चारों तरफ से घेर लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल प्रशासन और कैदियों के बीच हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने एक-एक कर जेल के सभी वार्डों की बारीकी से तलाशी ली।
एसएसपी बोले- पुलिस मुख्यालय का था निर्देश—
अभियान की समाप्ति के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि यह कार्रवाई नियमित सुरक्षा समीक्षा और पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के आलोक में की गई थी। उन्होंने कहा, “मेरे और जिलाधिकारी के नेतृत्व में जेल की सघन तलाशी ली गई। इस दौरान सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, सभी एसडीपीओ और कई थानों की पुलिस के साथ-साथ पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल की तैनाती की गई थी।”
एसएसपी ने राहत जताते हुए जानकारी दी कि घंटों चली इस सघन तलाशी के बावजूद जेल के भीतर से कोई भी आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई है।
सीवान जेल में एक घंटे तक रेड—
सिवान मंडल कारा में डीएम विवेक रंजन मैत्रेय और एसपी पूरन कुमार झा के नेतृत्व में छापेमारी की गई। करीब एक घंटे तक चली इस कार्रवाई में पांच थानों की पुलिस और अतिरिक्त बल शामिल रहा, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
भोजपुर में सुबह चार बजे रेड—
इसी तरह भोजपुर में डीएम तन्य सुल्तानिया और एसपी राज के नेतृत्व में सुबह चार बजे से छह बजे तक संयुक्त छापेमारी की गई। अधिकारियों ने सभी वार्डों की गहन तलाशी ली, लेकिन यहां भी कुछ आपत्तिजनक बरामद नहीं हुआ।
बक्सर में खंगाला गया जेल का चप्पा-चप्पा—
बक्सर केंद्रीय कारा में डीएम और एसपी के नेतृत्व में करीब ढाई घंटे तक तलाशी अभियान चला। वहीं वैशाली में डीएम वर्षा सिंह और एसपी विक्रम सिहाग के नेतृत्व में लगभग दो घंटे तक छापेमारी की गई।
भागलपुर से शुरू हुआ सख्त निरीक्षण का सिलसिला
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भागलपुर के शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा में जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया. डीएम और एसएसपी स्तर के अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा, साफ-सफाई, बंदियों की सुविधाओं और विधि-व्यवस्था का बारीकी से आकलन किया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाए और किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
सीतामढ़ी में मिला संदिग्ध कागजात—
सीतामढ़ी जेल में छापेमारी के दौरान प्रशासन को एक वार्ड से संदिग्ध कागजात मिला, जिसमें मोबाइल नंबर और आपत्तिजनक बातें दर्ज थीं। इसके बाद प्रशासन और सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि कुख्यात अपराधियों को अब केंद्रीय कारा में शिफ्ट किया जा सकता है।
बिहार में हुए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तुरंत बाद जेलों में हुई इस छापेमारी को कानून-व्यवस्था मजबूत करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन की इस सख्ती से अपराधियों के मनोबल टूटने की उम्मीद जताई जा रही है।



