
गांधी-शास्त्री जयंती पर संस्कार संस्कृति संरक्षण समिति ने दी श्रद्धांजलि, भारतीय संस्कारों को अपनाने का लिया संकल्प
मधुबनी- 02 अक्टूबर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर संस्कार संस्कृति संरक्षण समिति द्वारा श्रद्धांजलि एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने बापू के प्रिय भजन “रघुपति राघव राजा राम” का गायन कर उन्हें याद किया।
मौके पर राजद नेता अमरेंद्र चौरसिया ने कहा कि 02 अक्टूबर का दिन भारतीय इतिहास का स्वर्णिम दिन है। इस दिन दो ऐसे महापुरुषों का जन्म हुआ जिन्होंने सत्य, अहिंसा, सादगी और ईमानदारी से पूरे विश्व में भारत का मान बढ़ाया। गांधी जी ने कहा था ‘बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो’ और शास्त्री जी ने ‘जय जवान-जय किसान’ का अमर मंत्र दिया। आज उनके विचार और भी प्रासंगिक हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि संस्कार संस्कृति संरक्षण समिति का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है। स्वच्छता, स्वदेशी, सादगी और देशभक्ति जैसे मूल्यों को युवा आत्मसात कर ले तो भारत फिर से विश्वगुरु बन सकता है।
उन्होंने सभी से आह्वान किया कि गांधी जयंती को केवल छुट्टी के रूप में न मनाकर एक दिन स्वच्छता के लिए श्रमदान करें और शास्त्री जी की तरह ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन में उतारें। कार्यक्रम के अंत में सभी ने राष्ट्र की एकता-अखंडता, स्वच्छता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया।



