
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से रेडीमेड गारमेंट्स इकाई की स्थापना कर संगीता बनी आत्मनिर्भर
मधुबनी-18 जून। जिले के खजौली प्रखंड की रहने वाली संगीता कुमारी ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छा शक्ति मजबूत हो और सरकारी योजनाओं का सही लाभ मिले, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की नई ऊँचाइयाँ हासिल की जा सकती हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के सहयोग से उन्होंने रेडीमेड गारमेंट्स व्यवसाय की शुरुआत कर आज आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। संगीता कुमारी को ग्राम पंचायत के मुखिया से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की जानकारी प्राप्त हुई।
योजना के तहत उन्होंने आवेदन किया और उन्हें एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इस सहायता राशि का उपयोग कर उन्होंने रेडीमेड गारमेंट्स इकाई की स्थापना की तथा शर्ट,टी-शर्ट, फ्रॉक सहित विभिन्न प्रकार के परिधानों का निर्माण शुरू किया। व्यवसाय की शुरुआत आसान नहीं थी। प्रारंभिक दिनों में उत्पादों को बाजार में पहचान दिलाने और ग्राहकों का विश्वास जीतने में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार मेहनत, बेहतर गुणवत्ता और ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किए गए उत्पादों के कारण धीरे-धीरे उनके व्यवसाय ने स्थानीय बाजार में अपनी पहचान बना ली।
आज संगीता कुमारी का यह उद्यम उनके परिवार के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है। इससे न केवल उनके परिवार का भरण-पोषण बेहतर तरीके से हो रहा है, बल्कि समाज में उनका सम्मान भी बढ़ा है। वे भविष्य में अपने व्यवसाय का विस्तार कर अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बना रही हैं। इसके लिए अतिरिक्त पूंजी और आधुनिक प्रशिक्षण की आवश्यकता भी महसूस कर रही हैं। संगीता कुमारी का मानना है कि बिहार जैसे राज्य में कुशल कारीगरों और बाजार की कोई कमी नहीं है। यदि युवा सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर आगे बढ़ें और मेहनत के साथ अपना उद्यम शुरू करें, तो वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
संगीता कुमारी की यह सफलता की कहानी प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की प्रभावशीलता को दर्शाती है और युवाओं, विशेषकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।



