बिहार

बिहार में दस्तावेज निबंधन से 8,403 करोड़ रुपये का राजस्व, शराबबंदी में 10 वर्षों में 11 लाख से अधिक मामले दर्ज

पटना- 27 अप्रैल। बिहार के मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने दस्तावेज निबंधन के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 8 हजार 403 करोड़ 46 लाख रुपये का राजस्व संग्रहित किया है। यह निर्धारित लक्ष्य 8 हजार 250 करोड़ रुपये के मुकाबले 101.86 प्रतिशत है। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है।

यह जानकारी विभागीय मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सोमवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के ‘संवाद’ सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार डिजिटल सुधार, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता के माध्यम से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन यानी 31 मार्च को एक ही दिन में 14 हजार 905 दस्तावेजों का निबंधन किया गया, जिससे 107 करोड़ 74 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा 25 मार्च को 80 करोड़ 38 लाख रुपये, 28 मार्च को 85 करोड़ 6 लाख रुपये, 29 मार्च को 83 करोड़ 91 लाख रुपये तथा 30 मार्च को 94 करोड़ 20 लाख रुपये का राजस्व संग्रहित कर विभाग ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1995 से 2026 तक के कुल 2 करोड़ 34 लाख दस्तावेजों का डिजिटलीकरण पूरा किया जा चुका है। वहीं 1908 से 1994 तक के लगभग 5 करोड़ पुराने दस्तावेजों को चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक डिजिटल करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे लोगों को पुराने रिकॉर्ड तक आसान और तेज पहुंच मिल सकेगी।

मंत्री ने बताया कि विशेष विवाह अधिनियम-1954 के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में 10 हजार 259 विवाहों का निबंधन किया गया, जबकि 2 हजार 648 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराया गया। इसके अतिरिक्त 289 संस्थाओं और 306 फर्मों का भी निबंधन किया गया।

मंत्री ने बताया कि अब तक 7 लाख 86 हजार 37 दस्तावेज महिलाओं के नाम पर निबंधित किए गए हैं, जिसमें कुल 60 लाख 89 हजार 589 एकड़ भूमि का अंतरण शामिल है। महिलाओं के नाम पर बढ़ते भूमि निबंधन को सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जमीन संबंधी कार्यों में मानवीय हस्तक्षेप को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विभाग एक नया मोबाइल एप्लिकेशन विकसित कर रहा है। इस ऐप के माध्यम से देशांतर और अक्षांश को कैप्चर कर ई-फाइलिंग की जाएगी। साथ ही भूमि की श्रेणी के सत्यापन के लिए जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा।

शराबबंदी को लेकर मंत्री ने बताया कि मार्च-2026 तक जब्त की गई कुल शराब का लगभग 98 प्रतिशत नष्ट किया जा चुका है। 1 अप्रैल 2016 से मार्च 2026 तक कुल 1 लाख 67 हजार 447 वाहनों को जब्त किया गया, जिनमें से 80 हजार 207 वाहनों की नीलामी की जा चुकी है, जबकि 25 हजार 232 वाहनों को जुर्माना लेकर मुक्त किया गया।

विभाग के सचिव अजय यादव ने शराबबंदी से संबंधित कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 1 अप्रैल 2016 से मार्च 2026 तक कुल 11 लाख 37 हजार 731 मामले दर्ज किए गए। इनमें विभाग द्वारा 5 लाख 60 हजार 639 और पुलिस द्वारा 5 लाख 77 हजार 92 मामले दर्ज किए गए।

इस अवधि में कुल 17 लाख 18 हजार 58 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 2 करोड़ 42 लाख 73 हजार 895 बल्क लीटर देशी शराब और 2 करोड़ 40 लाख 46 हजार 354 बल्क लीटर विदेशी शराब बरामद की गई।

सरकार का कहना है कि शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई जारी है और आने वाले समय में तकनीकी संसाधनों के माध्यम से निगरानी और भी मजबूत की जाएगी।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button