
MADHUBANI;- मलमास में भगवान विष्णु,माता लक्ष्मी और तुलसी माता की करें आराधना: मोहित नारायण
मधुबनी- 18 मई। धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से खास मलमास शुरु हो गया है। मलमास को अधिकमास और पुरुषोत्तम मास भी माना गया हैं। यह 15 जून तक रहेगा। मलमास माह की महत्मय पर चर्चा करते हुए ज्योतिषाचार्य पं. मोहित नारायण मिश्र ने कहा कि भगवान विष्णु को समर्पित पुरुषोत्तम मास में जप, तप, दान बडा फलदापी होता है। पुरुषोत्तम मास में श्रद्धा भाव से भगवान विष्णु,माता लक्ष्मी और तुलसी माता की आराधना करना चाहिए। तुलसी संग शालिग्राम की पूजा से ग्रह दोष दूर होते हैं। सुख-समृद्धि बढ़ती है। सुबह जल देने और शाम को घी का दीपक जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है। तुलसी के पौधे को कभी सूखने नहीं देना चाहिए। उसके आसपास स्वच्छता बहाल रखना चाहिए, बिना स्नान तुलसी के पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए।
रविवार या एकादशी के दिन तुलसी पत्ता तोड़ने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस महीने में तुलसी के सामने विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए। घर में भजन-कीर्तन करना चाहिए।शालिग्राम भगवान विष्णु का स्वरूप माने जाते हैं। प्रतिदिन तुलसी दल अर्पित कर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना चाहिए। मलमास के दौरान किए गए आध्यात्मिक कार्य जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आते हैं। आत्मशुद्धि और भक्ति का अवसर भी माना जाता है। इससे, ग्रह दोष, पितृ दोष और मानसिक तनाव में राहत मिलती है। मलमास में अन्न, वस्त्र का दान करना चाहिए, धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम मास में किए गए छोटे-छोटे धार्मिक कार्य भी बड़ा फल देते हैं। मलमास में तुलसी पूजा का विशेष महत्व होता है। तुलसी को भगवान विष्णु की सबसे प्रिय माना गया है। जिस घर में प्रतिदिन तुलसी की पूजा होती है। वहां परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। मलमास के दौरान हर सुबह स्नान के बाद तुलसी के पौधे में जल अर्पित करना चाहिए। शाम के समय घी का दीपक जलाना चाहिए। इससे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है। आत्मा की शुद्धि, पुण्य अर्जित का उत्तम मास में भगवान विष्णु की कृपा से संकट दूर होने के साथ मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पद्म पुराण के अनुसार भगवान ने वरदान दिया कि जो भी भक्त इस महीने में निस्वार्थ भाव से भक्ति, मंत्र जाप और दान करने से विशेष आशीर्वाद मिलेगा। उसका पुण्य कभी खत्म नहीं होगा।



