
मिथिला का प्रसिद्ध कोजागरा पर मधुबनी पेंटिंग वाले कुर्ता-बंडी और पाग की धूम, पटना-दिल्ली से मुंबई तक बंपर ऑर्डर, बाजारों में रौनक
मधुबनी- 22 अक्टूबर। 25 अक्टूबर को कोजागरा पर्व से पहले मिथिला के बाजार गुलजार हो गए हैं। मधुबनी पेंटिंग्स वाले
परंपरागत परिधानों की मांग ने इस बार पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मधुबनी, दरभंगा के कपड़ा बाजारों में मधुबनी पेंटिंग्स वाले कुर्ता, बंडी, चादर, दोपटा, सूट, साड़ी और मिथिला पाग के लिए ऐसी भीड़ है कि कलाकारों को दिन-रात काम करना पड़ रहा है। बाजार के जानकारों के मुताबिक इस बार मधुबनी पेंटिंग्स वाले परिधान सबसे ज्यादा ट्रेंड में हैं।
वर के लिए कुर्ता-बंडी और पाग: मिथिला में कोजागरा पर नवविवाहित दामाद के चुमाउन की परंपरा है, जिसमें ससुराल से नए वस्त्रों का भार भेजा जाता है। इस बार खादी, टसर और कॉटन में हाथ से बनी बंडी और मधुबनी पेंटिंग वाला कुर्ता सबसे ज्यादा बिक रहा है। इसके साथ लाल-पीले रंग का मिथिला पाग अनिवार्य है, जो प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। चादर-दोपटा और सूट-साड़ी: बेटियों और ससुराल पक्ष की महिलाओं के लिए मधुबनी पेंटिंग वाली चादर, दोपटा, सूट और सिल्क साड़ी की मांग पटना, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई तक से आ रही है।
ऑनलाइन ऑर्डर की बाढ़—
रांटी की प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग कलाकार रेखा पासवान ने बताया कि कोजागरा से पहले ऑनलाइन ऑर्डर की बाढ़ आ गई है। दिल्ली, नोएडा, बेंगलुरु में बसे मैथिल परिवार अपने गांव के लिए कुर्ता-पाग का सेट मंगा रहे हैं। छठ से पहले कोजागरा ही मिथिला हस्तशिल्प के लिए सबसे बड़ा सीजन बन गया है। इस मांग से कलाकार परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।
WhatsApp और Instagram से रोज 100 से ज्यादा ऑर्डर आ रहे हैं।
क्या है बाजार भाव?
— कुर्ता + बंडी सेट: 1000 से 4500 रुपये।
— मिथिला पाग: 150 से 300 रुपये।
— चादर-दोपटा सेट: 800 से 2500 रुपये।
— साड़ी: 6000 से 20000
रुपये तक।



