
MADHUBANI: अतिक्रमण और गंदगी की मार से कराह रहा आस्था का केंद्र गुलटेनी पोखर, छठ व्रतियों ने बदला घाट
मधुबनी- 05 सितंबर। नगर निगम क्षेत्र के चकदह स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले गुलटेनी पोखर का अस्तित्व खतरे में है। कभी यहां छठ महापर्व पर भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती थी, आज वही पोखर अतिक्रमण और गंदगी के कारण कचरा कुंड में तब्दील हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पोखर के पश्चिमी, उत्तरी और दक्षिणी भिंडा पर 50 से अधिक लोगों ने अवैध रूप से पक्का मकान बना लिए हैं। लगातार बढ़ते अतिक्रमण से पोखर सिकुड़ता जा रहा है। इससे भी शर्मनाक यह है कि आसपास के घरों और शौचालयों का गंदा पानी सीधे पोखर में गिराया जा रहा है। कचरा फेंके जाने से पानी इतना दूषित हो चुका है कि लोग अब इसमें स्नान करने से भी कतराते हैं।
पहले गुलटेनी पोखर के किनारे बड़े स्तर पर छठ पूजा होती थी। लेकिन बदहाली के कारण अब श्रद्धालु दूसरे तालाबों पर जाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। यह कोई नया मामला नहीं है। वर्ष 2022 में ही सदर अनुमंडल दंडाधिकारी ने रहिका अंचल अधिकारी और नगर थानाध्यक्ष को एक सप्ताह के अंदर अतिक्रमण मुक्त कराकर रिपोर्ट देने का सख्त निर्देश दिया था। लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी जमीन मुक्त नहीं हो सकी। करीब 3 माह पूर्व भी जिला मत्स्य विभाग द्वारा रहिका सीओ को तालाब के अतिक्रमण और सौंदर्यीकरण के लिए पत्र लिखा गया है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रहा है। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जल संरक्षण और धार्मिक विरासत को बचाने के लिए गुलटेनी पोखर का अतिक्रमण हटाकर जीर्णोद्धार कराया जाए।



