
भारत-पोलैंड 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार करेंगे दोगुना, रक्षा और आतंकवाद विरोधी संवाद पर सहमति
नई दिल्ली- 22 अक्टूबर। भारत और पोलैंड ने 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार 6.3 अरब डॉलर का है। पोलैंड में भारतीय निवेश 3 अरब डॉलर से अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच गुरुवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई।
वार्ता के बड़े फैसले:
व्यापार दोगुना होगा: दोनों देश 2030 तक व्यापार दोगुना करेंगे। इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी, नवीकरणीय ऊर्जा, जहाज निर्माण, गैस, डिजिटल तकनीक और उन्नत विनिर्माण में सहयोग बढ़ेगा। रक्षा उद्योग में साझेदारी: दोनों देश रक्षा उद्योग संवाद और आतंकवाद विरोधी संवाद स्थापित करेंगे। सह-विकास, सह-उत्पादन, रिसर्च और सप्लाई चेन मजबूत करने पर जोर रहेगा।
CDRI से जुड़ेगा पोलैंड: पोलैंड भारत की पहल ‘कोलिशन फॉर डिजास्टर रेसिलियंस इंफ्रास्ट्रक्चर’ (CDRI) से जुड़ेगा।
UNSC में भारत को समर्थन: पोलैंड ने सुधारित और विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया।
अन्य समझौते: गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, संस्कृति, विज्ञान और उच्च शिक्षा पर समझौतों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। भारत-ईयू FTA पर भी जोर दिया गया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और पोलैंड के संबंध मानवता की साझा विरासत पर आधारित हैं। द्वितीय विश्व युद्ध में जामनगर और कोल्हापुर के राजपरिवारों ने पोलैंड के हजारों बच्चों को आश्रय दिया था। उन्होंने पोलिश कंपनियों को ‘मेक इन इंडिया’ का लाभ लेने का न्योता दिया।
पोलैंड के पीएम टस्क ने कहा कि दोनों देश महत्वपूर्ण खनिज, अंतरिक्ष, उपग्रह और ड्रोन जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए साथ काम करेंगे।



