
सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार से दुर्व्यवहार मामला: IFWJ ने की निंदा, मुख्य सचिव से जांच की मांग
मधुबनी- 16 सितंबर। सहरसा में प्रभात खबर के डिजिटल पत्रकार के साथ कथित रूप से अमानवीय तरीके से मारपीट, गाली-गलौज किए जाने की घटना को लेकर पत्रकार संगठनों में रोष व्याप्त है। घटना में सरकारी चिकित्सक एवं उनके करीब दो दर्जन सहयोगियों के शामिल होने के आरोप को गंभीरता से लेते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है। यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) ने इस घटना की घोर निंदा की है।
संगठन के मधुबनी जिलाध्यक्ष हेमंत कुमार सिंह ने कहा है कि यह न केवल पत्रकार की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान है। उन्होंने कहा कि जब एक पत्रकार अस्पताल जैसी सार्वजनिक जगह पर जनहित से जुड़ी खबर कवर करने जाता है और उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है, तो यह पूरे पत्रकार समुदाय के मनोबल को तोड़ने वाला है। IFWJ जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने बिहार के मुख्य सचिव से मांग की है कि वे पूरे मामले को अपने संज्ञान में लेकर निगरानी में जांच कराएं और दोषी चिकित्सक पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो IFWJ राज्यव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगी।
ईधर IFWJ के महासचिव आकिल हुसैन,रमण कुमार, चन्द्रकांत झा,कार्तिक कुमार, शैलेन्द्र कुमार,राम शरण साह,कपलेश्वर साह,कल्याण कुमार,के.के पुट्टी,रजाउल्लाह नेहाल,अखलाक सिद्दीकी,कन्हैया मिश्रा,अशोक पासवान,मो. अली, हनुमान प्रसाद मोर,अली हसन, जीवन झा,मो. मुन्ना,गोपाल साह आदि पत्रकारों ने भी निंदा प्रकट करते हुए चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग किया है।



