
बिहार में भूमि सुधार और सामंतवाद विरोधी नया सामाजिक न्याय का माडल लाएगा भाकपा माले
मधुबनी- 20 मई। भाकपा माले के जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण ने कहा कि दरभंगा में सम्पन्न भाकपा माले का दो दिवसीय 12वीं बिहार राज्य सम्मेलन कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। राज्य सम्मेलन में पार्टी के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य,पर्यवेक्षक वी शंकर (तमिलनाडु) पोलिटब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा, अमर राजाराम सिंह काराकाट सांसद, शशि यादव विधान पार्षद, मीना तीवारी, सांसद सुदामा प्रसाद सहित एक हजार से अधिक नेता, कार्यकरताओं ने हिस्सा लिया।सम्मेलन ने बिहार को बुलडोजर राज का प्रयोगशाला बनाने के खिलाफ एकजुटता आंदोलन तेज करने का प्रस्ताव पारित किया गया। भूमिसुधार और सामंतवाद विरोधी संघर्षो का बिहार में नया सामाजिक न्याय माडल लाया जाएगा। जिला सचिव ने कहा की भाजपा की बुलडोजर राज फासीवाद का नमूना है। भय व आतंक पैदा करके जनता के अधिकारों को छीनकर अडानी, अंबानी जैसे कारपोरेट घरानों का तिजोरी भर रही है। आज गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने, महिलाओं, दलित गरीबों पर हिंसा, छात्रों, युवाओं पर ह़ो रहे लाठीचार्ज और जन अधिकारों पर हो रहे हमले वाली बुलडोजर राज के खिलाफ, डट कर खड़ा होना है। सम्मेलन में 107 सदस्यों वाली राज्य कमेटी व राज्य सचिव कुणाल का चयन किया गया। राज्य कमेटी में दो नेता का चयन किया गया। जिसमें बेनीपट्टी प्रखंड सचिव श्याम पंडित और उनका नाम शामिल है।



