
BIHAR:- मधुबनी में मूर्ति चोरी का सिलसिला पुराना, देवहार से पहले भी निशाने पर रहे हैं अनेकों सिद्धपीठ और मंदिर
मधुबनी- 24 अक्टूबर। जिले के अंधराठाढ़ी प्रखंड के देवहार स्थित मुक्तेश्वर मंदिर से 1500 साल पुरानी विष्णु मूर्ति गायब होने की घटना जिले में पहली नहीं है। पिछले 10 सालों में जिले के कई प्राचीन मंदिरों को चोरों ने निशाना बनाया है, खासकर अष्टधातु की मूर्तियों को। जिले में अब अपराधी इंसानों के घरों के साथ-साथ देवालयों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। मंदिरों में चोरी एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रही है। पुजारी को बंधक बनाना, दानपेटी, मूर्ति-आभूषण की चोरी पिछले कई सालों में मधुबनी में आम वारदात बन गई है। हर घटना के बाद फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर तो पहुंचते हैं, लेकिन आज तक किसी बड़े मामले का खुलासा नहीं हो सका है।
सिद्धपीठ भी निशाने पर—
कोइलख स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां भद्रकाली मंदिर से पिछले साल दीपावली के बाद सोने का मुकुट और चांदी का छत्र चोरी हो गया था, जिसकी कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई थी। विरोध में ग्रामीणों ने कई दिनों तक अनिश्चितकालीन धरना भी दिया था, पर पुलिस आज तक चोरी गया एक भी सामान बरामद नहीं कर सकी।
अंकुरित भगवती मंदिर भी नहीं बचा—
पिछले साल जिले के शंभुआर स्थित प्रसिद्ध अंकुरित भगवती मंदिर में भी चोरी की बड़ी घटना हुई थी। प्राचीन और आस्था के इस बड़े केंद्र से आभूषण और दानपेटी की चोरी हुई। मंदिर समिति के विश्वजीत सिंह ने बताया कि इस तरह की लगातार घटनाओं के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में गहरी नाराजगी है। प्रशासन से मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग लगातार कर रहे हैं। इधर, शहर के मुरली मनोहर मंदिर से लेकर मंगरौनी के सिद्धपीठ बूढ़ी माई मंदिर तक, दोनों जगहों से माता के श्रृंगार और दानपेटी की रकम चोरी हुई।
CCTV में कैद चोर, फिर भी बेनकाब नहीं—
पंडौल प्रखंड के भवानीपुर स्थित बाबा उगना महादेव मंदिर में हुई चोरी की पूरी घटना CCTV में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में रात करीब 2 बजे दो युवक मंदिर का ताला तोड़ते साफ दिख रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले साल भी इसी मंदिर में चोरी हुई थी, लेकिन इसके बाद भी रात्रि गश्त नहीं बढ़ाई गई। इधर, फुलपरास के बेलहा दुर्गा मंदिर में तो चोरों ने पहले मंदिर परिसर में अलाव जलाकर हाथ सेंके और फिर दानपेटी लेकर फरार हो गए।
हथियार के बल पर 150 साल पुरानी मूर्तियां लूटीं—
जिले के बेनीपट्टी के बनकट्टा और खजौली के ठाहर गांव में हथियारबंद बदमाशों ने मंदिर के पुजारी को बंधक बनाकर करीब 150 साल पुरानी बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियां लूट लीं। इसी तरह झंझारपुर के अंधराठाढ़ी स्थित सिद्धपीठ मां परमेश्वरी मंदिर से चांदी का मुकुट और आंखें चोरी हुईं, जिसके कुछ दिन बाद ही पास के सूर्य मंदिर की दानपेटी तोड़ दी गई। हरलाखी और बेनीपट्टी के उच्चैठ भगवती मंदिर में चोरों ने पहले CCTV का केबल काटा और फिर दानपेटी उड़ा ले गए।
सवालों में सुरक्षा व्यवस्था—
कपिलेश्वर, सोमनाथ और उगना जैसे सैकड़ों प्राचीन और सिद्धपीठ मंदिरों वाले इस जिले में पुलिस की मंदिर सुरक्षा योजना पूरी तरह फेल साबित हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब तक मंदिरों की सुरक्षा के लिए स्थायी ब्लू प्रिंट और रात्रि गश्ती का ठोस इंतजाम नहीं होगा, तब तक आस्था पर इस तरह के हमले नहीं रुकेंगे। और अब देवहार के मुक्तेश्वर मंदिर से 1500 साल पुरानी मूर्ति गायब होने की घटना ने इस सुरक्षा व्यवस्था की पोल पूरी तरह खोल दी है।



