बिहार

BIHAR:- मधुबनी मॉडल अस्पताल के गेट पर मेडिकल कचरा से पटा नगर निगम का कचरा पेटी, संक्रमण का खतरा

मधुबनी- 05 अगस्त। आउटसोर्सिंग सफाई कर्मियों की तीन सूत्री मांगों को लेकर 30 जुलाई से राज्यव्यापी
अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच मेडिकल कचरा फेंकने में माडल सदर अस्पताल की लापरवाही सामने आई है। बुधवार को माडल सदर अस्पताल के प्रवेश गेट पर नगर निगम द्वारा रखे गए चकरा पेटी (बड़े कूड़ेदान) मेडिकल कचरा से पटा नजर आया।

बतादें कि निगम द्वारा रखे गए कूड़ेदान मेडिकल कचरा के लिए नहीं है। इस तरह खुले स्थान पर निगम द्वारा दिए गए आम कूड़ेदान में मेडिकल कचरा डालना नियमों के विपरित है। जांच का विषय है। माडल सदर अस्पताल के गेट पर चकरा पेटी में मेडिकल कचरा होना आम लोगों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। बता दें कि सदर अस्पताल के मेडिकल कचरा निस्तारण के लिए अलग से एजेंसी होने के बाद भी मेडिकल कचरा को निगम के कचरा पेटी में डाला जाना जांच का विषय बन गया है। बता दें कि सदर अस्पताल के अलावा नगर निगम क्षेत्र में संचालित प्राइवेट क्लीनिकों द्वारा भी मेडिकल कचरा के निस्तारण में नियमों की अनदेखी की शिकायत बनी है।

प्राइवेट क्लीनिकों के आसपास फेंके जाने वाले मेडिकल कचरा से संक्रमण की आशंका को नकारा नहीं जा सकता है। इससे पर्यावरण को नुकसान का भी खतरा रहता है। प्राइवेट क्लीनिकों के मेडिकल कचरा निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं होने से कचरा को खुले में फेंक दिया जाता है। बसुआरा स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक के मेडिकल कचरा को अस्पताल से करीब आधा खुले में रखे गए मेडिकल कचरा को आग के हवाले कर दिया जाता है।

शहर के वाटसन स्कूल से सदर अस्पताल तक सड़क किनारे जगह-जगह खुले में मेडिकल कचरा देखा जाता है। कई प्राइवेट नर्सिग होम में डस्टबिन की कमी देखी जाती है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण इलाज के लिए अस्पताल आने वाले रोगी और उनके परिजन की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।अस्पताल से निकलने वाला मेडिकल कचरा या तो सड़क पर फेंक देते है या नगर निगम के कचरा पेटी में डाल दे रहे हैं। संक्रमण और बीमारी फैलने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता है।

जानकरों का माने तो मेडिकल कचरा को खुले में जलाने से इसके प्रदूषण से कैंसर और प्रजनन संबंधी परेशानी होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ता है। वेक्टर जनित रोग होने की आशंका बनी रहती है। इस पर जो मक्खी, मच्छर बैठता है वह रोग को संग्रहित करता है। इसके अलावा डायरिया, एचआइवी, हेपेटाइटिस बी, सी, टायफायड आदि रोग तेजी से फैलने का खतरा बना रहता है।मेडिकल कचरा जानलेवा और खतरनाक है। नवजात बच्चे के स्वास्थ्य पर तो इसका जबरदस्त असर पड़ता है।

नगर आयुक्त उमेश कुमार भारती, नगर मेयर अरुण राय ने बताया कि सदर अस्पताल के बाहर सड़क पर नगर निगम के कचरा पेटी में मेडिकल कचरा फेंकने की शिकायत की जांचकर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!