
मधुबनी की धरती पर दो दशक बाद फिर गूंजेगी जन-संस्कृति: इप्टा के 17वें राज्य सम्मेलन सह राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव की तैयारी शुरू
मधुबनी- 21 अक्टूबर। मिथिला की सांस्कृतिक धरती पर करीब 20 साल बाद फिर जन-संस्कृति की बड़ी धमक लौटने वाली है। भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) के 17वें बिहार राज्य सम्मेलन सह राष्ट्रीय सांस्कृतिक समारोह को लेकर आयोजन समिति की महत्वपूर्ण बैठक मुख्य संरक्षक सह पूर्व उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सम्मेलन को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए आयोजन समिति एवं विभिन्न उपसमितियों के गठन पर चर्चा हुई। रूपरेखा तय की गई।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में बिहार इप्टा अपने गौरवशाली 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस लिहाज से 17वें राज्य सम्मेलन की मेजबानी मधुबनी इकाई को मिलना बेहद खास है। इससे पहले वर्ष 2007 में मधुबनी इप्टा ने राज्य सम्मेलन की सफल मेजबानी की थी, जब सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री नंदिता दास सहित देश के जाने-माने कलाकार शहर की सड़कों पर स्थानीय कलाकारों के साथ पैदल घूमे थे।
02 से 04 अप्रैल 2027 को तीन दिवसीय महासम्मेलन—
बैठक में तय हुआ कि यह तीन दिवसीय महासम्मेलन 02 से 04 अप्रैल 2027 तक आयोजित होगा, जबकि 01 अप्रैल 2027 को कर्टन रेजर और प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। महासचिव इंद्र भूषण रमण ‘बमबम’ ने बताया कि सम्मेलन में देश-राज्य भर से लगभग 500 कलाकारों के जुटने का अनुमान है, जिनमें करीब 200 महिला कलाकार होंगी। मंच पर मैथिली, भोजपुरी, मगही, अंगिका और बज्जिका जैसी लोक भाषाओं के सशक्त नाटकों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का ताना-बाना बुना जाएगा। इस समारोह में असम, त्रिपुरा, मणिपुर सहित पूर्वोत्तर, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना सहित दक्षिण भारत, पश्चिम भारत, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, झारखंड के सांस्कृतिक दल भाग लेंगे। साथ ही नेपाल का सांस्कृतिक दल भी प्रस्तुति देगा।
नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक, मनोज बाजपेयी, प्रकाश राज के आने की संभावना—
आयोजकों के अनुसार समारोह में राष्ट्रीय फलक के साहित्यकार डॉ. पुरुषोत्तम अग्रवाल, वरिष्ठ रंगकर्मी व फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक, मनोज बाजपेयी, प्रकाश राज, आशीष विद्यार्थी, अखिलेंद्र मिश्रा, विनीत कुमार, प्रसन्ना, डॉ. कमलानंद झा और दुर्गेश कुमार जैसी शख्सियतों के भाग लेने की संभावना है। बैठक में आवासन, भोजन व मंच सज्जा जैसी व्यवस्थाओं के लिए संभावित बजट का आकलन कर जनसहयोग व चंदे के माध्यम से राशि जुटाने पर सहमति बनी।
आयोजन समिति का गठन—
संरक्षक मंडल में समीर महासेठ (पूर्व उद्योग मंत्री), बिंदु गुलाब यादव, विमल मसकरा और अनिल बैरोलिया, अध्यक्ष मंडल में अरविंद प्रसाद, रामश्रृंगार पांडे, एस.एन. लाल, प्रो. विनय कुमार लाल दास, सुरेश बैरोलिया, डॉ. हेमचंद्र झा, रामचंद्र शर्मा, मनीषा लाल, चंदना दत्त, मिनाक्षी कुमारी व किरण वर्मा का नाम प्रस्तावित हुआ। महासचिव के रूप में इंद्रभूषण रमन ‘बमबम’, कोषाध्यक्ष हेतु अमित महासेठ व रमेश कुमार तथा कार्यालय सचिव हेतु पंचम प्रकाश का नाम प्रस्तावित किया गया।
सचिव मंडल में ऋषि वशिष्ठ, जटाधर पासवान, रंजीत रॉय, अजयधारी सिंह, सुनील कुमार यादव, श्रीप्रसाद दास, रंजीत कुमार राय, अभिषेक कुमार, प्रभात कुमार, पूजा कुमारी, सिमरन कुमारी, रूपा कुमारी और अरविंद गुप्ता चुने गए। प्रत्येक समिति में कुछ स्थान खाली रखे गए हैं, जिन्हें अगली बैठक में भरा जाएगा।
बैठक में अरविंद प्रसाद, प्रो. विनय कुमार लाल दास, पवन कुमार, अमित महासेठ, संजय कुमार, एस एन लाल, अजयधारी सिंह, मीनाक्षी कुमारी, सुरेश बैरोलिया, श्रीप्रसाद दास, कौशल नायक, रंजीत राय, रमेश कुमार, अभिषेक आकाश, पूजा कुमारी, प्रभात रंजन सहित अन्य उपस्थित रहे।



