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बिहार में मिले 5,908 नए कोरोना संक्रमित, 5 की मौत

पटना- 11 जनवरी। बिहार सरकार में कोरोना की तीसरी लहर तेजी से अपने पांव पसार रही है। प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान 5908 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं, जबकि पांच लोगों की मौत हुई है। राज्य सरकार द्वारा देर शाम जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक मृतकों में पटना-एनएमसीएच से दो, साईं हॉस्पिटल से एक, पीएमसीएच से एक और भागलपुर से एक संक्रमित हैं, जिनकी मौत हुई है। अकेले पटना में 2,202 लोग आज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इधर, सोमवार को कोरोना के 4,737 नए मामले सामने आए, जो रविवार के आंकड़े से 6 प्रतिशत कम था। रविवार को 5,022 कोरोना केस आए थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीएम नीतीश कुमार से फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना। नीतीश कोरोना पॉजिटिव होने के बाद से होम आइसोलेशन में हैं। प्रदेश में कोरोना के संक्रमण में महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा काफी सुरक्षित रही हैं। राज्य में 10 दिनों के अंदर 66.9 प्रतिशत पुरुष कोरोना संक्रमित हुए हैं,जबकि महिलाओं की संख्या 33.1 प्रतिशत रही है। उम्र के हिसाब से संक्रमण की बात करें तो 20 से 29 साल के लोगों में सबसे अधिक संक्रमण हुआ है। बिहार के 38 जिलों में 10 दिनों के अंदर सबसे अधिक 20 से 29 वर्ष के कुल 28 प्रतिशत लोग संक्रमित हुए हैं। संक्रमण की इस रफ्तार को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मास्क एवं सोशल डिस्टेंस को लेकर अलर्ट किया है।

जिला केंद्र से चिह्न्ति दवाओं की उपलब्धता करायी जा रही सुनिश्चित : मंगल पांडेय—

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तत्परता से काम कर रहा है। कुशल रणनीति के तहत विभाग कोरोना संक्रमण की रोकथाम और उपचार में लगा है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जिलों में केंद्र से चिह्नित जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जा रही है। कोरोना के बेहतर उपचार के लिए राज्य के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर संचालन एवं रख-रखाव के लिए मेडिकल कॉलेजों एवं जिलों में पदस्थापित डॉक्टरों और कर्मियां को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया जारी है।

पांडेय ने कहा कि कोरोना मरीजों के बेहतर इलाज के लिए सभी सिविल सर्जनों और मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। इसके लिए जिलों को कोरोना इलाज के चिह्नित दवाइयां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कराया गया है। बीएमएसआईसीएल द्वारा इन दवाओं को चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पतालों एवं सभी जिलों को केस के आधार पर दवाइयां लगातार आवंटित की जा रही है। उन्होंने कहा कि वेंटिलेटर की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को अत्यधिक विशिष्ट बनाने के लिए उसे सुचारू रूप संचालित करने के लिए चिकित्सक एवं पारामेडिकल स्टाफ के रिफ्रेशर प्रशिक्षण की आवश्यकता महसूस की गई है। ऐसे में चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल से लेकर जिला अस्पताल एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थापित चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल स्टाफ को वेंटिलेटर के संचालन एवं रख-रखाव के लिए और बेहतर प्रशिक्षण हेतु एम्स, पटना से समन्वय बनाया गया है।

बिहार में हर रोज होगा 98 हजार आरटीपीसीआर टेस्ट—

प्रदेश में कोरोना की रोकथाम और इसके प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार हर रोज 98 हजार आरटीपीसीआर टेस्ट करेगी। इसकी जानकारी आज स्वास्थ्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आज दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। कोरोना की ट्रैसिंग और इसके प्रसार को रोकने के लिए अब हर रोज 98 हजार लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट किया जाएगा। जिससे इस बीमारी का पता जल्दी चल पायेगा।

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