
BIHAR: फिल्म और रंगमंच पर अद्भुत अभिनय के लिए मधुबनी की विभा रानी को मिला ‘स्पंदन ललित कला सम्मान
-- देवगन फिल्म्स के काजोल स्टारर फिल्म 'मां' में पुरोहिता के दमदार भूमिका से विभा रानी ने बनाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
मधुबनी- 24 फरवरी। सिनेमा और रंगमंच में अभिनय के लिए मधुबनी की विभा रानी को भोपाल की संस्था स्पंदन द्वारा ‘स्पंदन ललित कला सम्मान प्रदान किया गया। विभा रानी को यह सम्मान मध्य प्रदेश के भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित राज्य संग्रहालय सभागार में साहित्यकार गोविंद मिश्र, संतोष चौबे और उर्मिला शिरीष के हाथों संयुक्त रुप से प्रदान किया गया। विभा रानी को यह सम्मान सिनेमा और रंगमंच पर उनकी ‘नौरंगी नटनी’, ‘समाधि भाई रामसिंह’, ‘साध रोए’ के मंचन से मैथिली में महिला एकल नाटक को बढ़ावा देने में सशक्त योगदान, रंगकर्मी, लेखक, अनुवादक, नाट्य लेखक के लिए प्रदान किया गया।
फिल्म ‘मां’ में काजोल के साथ काम करने की विभा रानी की बडी उपलब्धि
27 जून 2025 में देशभर के थिएटर में रिलीज देवगन फिल्म्स के काजोल स्टारर फिल्म ‘मां’ में पुरोहिता के धारदार व दमदार भूमिका से विभा रानी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनी है। यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर भी काफी पसंद किया गया। देश के अलावा विदेशों में रह रहे भारतीय और अन्य देशक लोगों ने यह फिल्म देखा। फिल्म अंग्रेजी सबटाइटल्स भी उपलब्ध कराई गई। विभा रानी का कहना है कि फिल्म मे काम करने के लिए बचपन से मन में बसा था। जो पूरा हुआ। विशेषकर मां फिल्म में काजोल जैसी प्रसिद्ध कलाकार के साथ काम करने का बडी उपलब्धि रही है।
साल 2018 में शुरू हुई विभा रानी की फिल्म अभिनय की यात्रा
विभा रानी की फिल्म अभिनय की यात्रा की शुरुआत साल 2018 में नवदीप सिंह निर्देशित फिल्म ‘लाल कप्तान से हुआ। इस फिल्म में विभा रानी ‘लाल परी’ की भूमिका में अपने अभिनय क्षमता को जाहिर किया। इसके बाद फिल्म शमशेरा, अनवांटेड, ए ब्रोकन स्टोरी, सजनी शिंदे का वायरल वीडियो, मॉनसून फुटबॉल, भोर, वेब सीरीज महारानी 1, ताज 2, ताजा खबर 1 व 2, सीरियल अवंतिका, एकलव्य, टिकुली में अपनी अलग पहचान बनाते हुए ‘मां’ तक पहुंची। इससे पहले विभा रानी फिल्म्स डिविजन के लिए फिल्म लिख चुकी है।भारतेंदु हरिश्चंद्र व जयशंकर प्रसाद। पिछले साल यह सीमा कपूर की मेगा सीरियल ‘अवंतिका’ के चालीस से अधिक एपिसोडक संवाद लेखन का कार्य कर चुकी है। नितिन चंद्रा का राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित फिल्म ‘मिथिला मखान’ के लिए दो गीत लिख चुकी है। कामाख्या नारायण सिंह के अनेकानेक सम्मान स सम्मानित फिल्म ‘भोर’ में वोकल दिया। नितिने चंद्रा द्वारा सत्यजीत रे की फिल्म ‘पाथेर पांचाली’ का मैथिली डबिंग में पीसी का चरित्र का डबिंग किया। फिल्म मे अभिनय के साथ विभा रानी नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम आदि की फिल्म, वेब सीरीज हेतु डबिंग कर चुकी है। फिल्म में अभिनय से पहले विभा रानी का रंगमंचक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है।
रचनात्मक कार्यों के लिए नहीं होती उम्र की कोई सीमा : विभा रानी
मैथिली में कथा, उपन्यास, नाटक लेखन में काफी लगाव रहा है। ‘भाग रौ’, ‘बालचन्दा’, मदति करू माई, मैथिली से हिंदी मे उल्लेखनीय किताब का अनुवाद करती रही है। जिरमें लिली रे की पुस्तक उल्लेखनीय रहा है। एकल नाटकक मंचन इनका खास विशेषता रही है। मोटिवेशनल स्पीकर, पोश ऐनेबलर तो है ही। ‘डहकन’ ‘ख़िस्सा कहे खिसनी’ का मंचीय प्रस्तुति देश-विदेश मे देती रही है। विभा रानी का मानना है कि सभी कार्यों के साथ-साथ सिनेमा में अपना पहचान बनाई जा सकती है। प्रत्येक विधा, लेखन से लेकर अभिनय एक-दूसर के पूरक है। रचनात्मक कार्यों के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती है।



