
रांची हिंसा : राज्यपाल का सख्त निर्देश-चौक-चौराहों पर लगायें उपद्रवियों की तस्वीर,डीजीपी,एडीजी, डीसी और एसएसपी को किया तलब
रांची- 13 जून। राज्यपाल रमेश बैस ने सोमवार को राज्य के डीजीपी, एडीजी (अभियान), रांची डीसी तथा एसएसपी को राज भवन में तलब किया। उन्होंने इन अधिकारियों से रांची में 10 जून को हुई हिंसा और उसके बाद घटी घटनाओं की विस्तृत जानकारी ली। राज्यपाल ने अधिकारियों से पूछा कि प्रस्तावित घटना, धरना-प्रदर्शन और जुलूस के बारे में प्रशासन के पास क्या जानकारी थी और उसके लिए क्या व्यवस्था की गयी थी। आईबी, सीआईडी तथा स्पेशल ब्रांच ने क्या-क्या इनपुट दिया था।
उन्होंने पूछा कि जुलूस के संचालन के दौरान कितने सुरक्षा कर्मी और दंडाधिकारी वहां उपस्थित थे। आप लोगों ने निवारक कार्रवाई क्यों नहीं की। राज्यपाल ने पूछा कि वहां पर वाटर कैनन, रबड़ बुलेट और आंसू गैस का क्यों इस्तेमाल नहीं किया गया। वहां इन चीजों की व्यवस्था क्यों नहीं थी। डीजीपी नीरज सिन्हा ने बताया कि आईबी के इनपुट के अनुसार 150 लोगों के अराजकता पैदा करने की आशंका थी। राज्यपाल ने पूछा कि पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मी हेलमेट और सुरक्षात्मक गियर भी नहीं पहने हुए थे। उन्होंने पूछा कि अभी कितनी गिरफ्तारियां हुई है और कितने केस दर्ज हुए है। सभी प्रदर्शनकारियों और पकड़े गए लोगों का विवरण प्राप्त करें, उनके नाम/पते सार्वजनिक करें, शहर में मुख्य स्थानों पर उनकी तस्वीरें प्रदर्शित करके उनके होर्डिंग बनाएं ताकि जनता भी उन्हें पहचान सके और पुलिस की मदद कर सके। उन्होंने कहा कि जो लोग इन घटनाओं के बारे में या सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैला रहे हैं, क्या आपने उनकी पहचान की है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की है।
ऐसे सभी लोगों की पहचान कर उन्हें सजा देने की जरूरत है। इसके अलावा राज्यपाल ने बीते सप्ताह में घटित निम्नलिखित घटनाओं पर भी डीजीपी का ध्यान आकर्षित करते हुए पूछा कि अब तक इन मामलों में क्या कार्रवाई की गयी है। इन मामलों में गुमला में दुष्कर्म के आरोपित युवक को भीड़ द्वारा जिंदा जलाकर मारने, रांची के जेवर कारोबारी राजेश कुमार पाल की हत्या करने, आदित्यपुर में तीन युवकों की गोली मारकर हत्या करने, जमशेदपुर में गवाही देने पर घर में घुसकर युवक मनप्रीत की गोली मारने की घटना शामिल है। राज्यपाल ने निर्देश दिया कि इन सबकी जानकारी उन्हें अतिशीघ्र उपलब्ध कराई जाये।



