
संविधान भारत की आत्मा, दुनिया के लोकतंत्रों के लिए मार्गदर्शक: लोकसभा अध्यक्ष
चंडीगढ़- 02 नवंबर। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र में सहमति-असहमति दोनों होती हैं, लेकिन असहमति का भी सम्मान होना चाहिए। असहमति दिशा और दर्शन देती है और काम करने की प्रेरणा भी देती है।
ओम बिरला सोमवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में हरियाणा विधानसभा द्वारा संविधान पखवाड़ा के तहत आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा कर्म की धरती है। 60 साल की यात्रा में अनेक चुनौतियों के बावजूद हरियाणा विकास की अग्रिम पंक्ति में है और यह सब संविधान के कारण संभव हुआ है। भारत का संविधान दुनिया के लोकतांत्रिक देशों के लिए मार्गदर्शक है। संविधान केवल शासन चलाने की व्यवस्था नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है।
श्री बिरला ने कहा कि संविधान सभा में मतभेद और लंबी चर्चा के बाद संविधान बना। संसद के साथ विधानसभाओं और फिर पंचायती राज व्यवस्था ने लोकतंत्र को मजबूत किया। हरियाणा विधानसभा ने भी 60 वर्षों में अपने सदस्यों के अलग-अलग मत और दृष्टिकोण के बावजूद प्रदेश के विकास में योगदान दिया है।



