
MADHUBANI:- भुगतान में देरी और ब्याज के बोझ से बेहाल बिस्फी के पैक्स, धान खरीद से अलग रहने का ऐलान
मधुबनी, 02 नवंबर। बिहार में धान अधिप्राप्ति वर्ष 2026-27 के तहत 1 नवंबर से धान खरीद शुरू करने के विभागीय निर्देश के बावजूद बिस्फी प्रखंड के पैक्सों ने गंभीर आर्थिक समस्याओं का हवाला देते हुए धान खरीद से अलग रहने का ऐलान किया है।
सांसद प्रतिनिधि सह पैक्स अध्यक्ष विष्णुदेव सिंह यादव के नेतृत्व में बिस्फी प्रखंड के सभी पैक्स अध्यक्षों ने बीडीओ के माध्यम से जिलाधिकारी को आवेदन सौंपा है।
पैक्स अध्यक्षों का कहना है कि पिछले वर्ष SFC द्वारा CMR (चावल) जमा करने के बाद भुगतान में 3-4 महीने की देरी की गई। किसानों से धान खरीदने के लिए सहकारी बैंक से लिए गए कैश क्रेडिट (CC) ऋण पर लगातार ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज बढ़ता रहा, जिससे कई पैक्सों को भारी नुकसान हुआ और डिफॉल्टर होने की नौबत आ गई।
पैक्सों की प्रमुख मांगों में अधिप्राप्ति मद में लगे अतिरिक्त ब्याज को माफ किया जाए, CMR जमा करने के 3 दिन के अंदर भुगतान सुनिश्चित हो, मिल टैगिंग में पैक्सों को स्वायत्तता दी जाए, अग्रिम CMR की व्यवस्था हो, ब्याजमुक्त CC ऋण समय पर उपलब्ध कराया जाए, प्रबंधकीय अनुदान और बोरे की राशि की दरों में वृद्धि हो शामिल है। पैक्स अध्यक्षों ने 15 नवंबर 2026 तक समाधान का अल्टीमेटम दिया है। मांग पूरी नहीं होने पर बिस्फी के सभी पैक्स धान अधिप्राप्ति से अलग रहेंगे।
इस दौरान डॉ. नोमान, संजय मेहता, शकील अहमद मदनी, विमलेश कुमार विमल, राम कुमार, रमेश कुमार, उपेंद्र यादव, बृजु यादव, अशोक सहनी, अरुण कुमार, फुलेश्वर यादव, विश्वजीत मिश्रा, त्रिलोक मिश्र, मुकेश कुमार, अरुण ठाकुर समेत अधिकांश पैक्स अध्यक्ष मौजूद रहे।



