
बिहार में कागजी गुरु बेनकाब: 13 फर्जी असिस्टेंट प्रोफेसर पकड़े, 2 पर FIR
पटना- 02 नवंबर। बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की दहलीज पर पहुंचे 13 फर्जी अभ्यर्थी नौ महीने की जांच में पकड़े गए। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) ने सभी का चयन रद्द कर दिया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।
क्या था फर्जीवाड़ा:
जिन हाथों में छात्रों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी आने वाली थी, वे खुद फर्जी दस्तावेजों की बैसाखी पर टिके थे। इन अभ्यर्थियों ने फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र और शैक्षणिक दस्तावेज लगाकर नौकरी पाने की कोशिश की थी।
कार्रवाई:
आयोग ने 5 अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की है, जबकि 2 के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया है।
सबसे ज्यादा किस विषय में:
-भूगोल में 5 अभ्यर्थी फर्जी मिले।
-समाजशास्त्र में 3 अभ्यर्थी।
किस विश्वविद्यालय में कितने:
मुंगेर विश्वविद्यालय और भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (मधेपुरा) में 3-3 मामले, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (मुजफ्फरपुर) में 2 मामले, और पटना विश्वविद्यालय में भी 1 मामला सामने आया है।



