
MADHUBANI नगर निकाय कर्मियों ने दिया फिर से हड़ताल का अल्टीमेटम, 30 अक्टूबर को घेराव, 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे
मधुुबनी – 23 अक्टूबर। बिहार के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में काम ठप होने की आहट फिर तेज हो गई है। बिहार लोकल बॉडीज इम्पलाईज फेडरेशन (BLBEF) एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के संयुक्त मोर्चा ने एक बार फिर हड़ताल का पूर्व नोटिस जारी किया है। जारी इस नोटिस में साफ कहा गया है कि अगर उनकी 11 सूत्री मांगों पर 29 अक्टूबर 2026 तक ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो 30 अक्टूबर 2026 को बिहार के सभी नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत मुख्यालयों का घेराव किया जाएगा।
इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो 03 नवंबर से पुनः अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। नोटिस बिहार के सभी महापौर, मुख्य पार्षद, सभी नगर आयुक्त और कार्यपालक पदाधिकारियों को भेजा गया है, और इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री और प्रधान सचिव को भी दी गई है। नोटिस पर अशोक कुमार सिंह (महामंत्री, BLBEF), चन्द्रशेखर कुमार (महासचिव) और चन्द्र प्रकाश सिंह (अध्यक्ष, संयुक्त मोर्चा) के हस्ताक्षर हैं।
क्या है पूरा मामला?
संयुक्त मोर्चा का आरोप है कि 30 जुलाई से 06 अगस्त 2026 तक चली 8 दिवसीय हड़ताल के समापन के दौरान नगर विकास मंत्री की मौजूदगी में हुई बैठक में जो निर्णय लिए गए थे और विभाग द्वारा जो आदेश जारी किए गए थे, उनका आज तक पूर्ण अनुपालन नहीं हुआ है। इसी उदासीनता के विरोध में फिर आंदोलन का रास्ता अपनाया जा रहा है।
संयुक्त मोर्चा की 11 प्रमुख मांगें –
1.कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ हर महीने मासिक बैठक आयोजित हो।
2.30 जुलाई से 06 अगस्त की हड़ताल अवधि को उपस्थिति मानकर वेतन भुगतान हो, कटी हुई राशि वापस हो और सभी दंडात्मक कार्रवाई वापस ली जाए।
3.सभी कर्मियों का नाम, पदनाम, कार्यावधि, योग्यता की समेकित सूची अविलंब विभाग को भेजी जाए।
4.दैनिक और आउटसोर्सिंग कर्मियों का वेतन हर महीने तय समय पर दिया जाए।
5.वेतन से कटी PF और ESI की राशि संबंधित खातों में समय पर जमा हो, बकाया की जांच कर जमा किया जाए और अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच हो।
6.अनुकंपा के लंबित मामलों का अविलंब निपटारा हो।
7.NPS में स्थानीय निकाय का अंशदान 10% से बढ़ाकर 14% किया जाए।
8.निगम कर्मियों का बकाया पेंशन, वेतन और अन्य देय राशि का अविलंब भुगतान हो।
9.दैनिक और संविदा कर्मियों के सेवा अभिलेख का संधारण और सुरक्षित रखरखाव हो।
10.मृत और सेवानिवृत्त दैनिक कर्मियों के PF/ESI दावों का निपटारा हो और आश्रितों को लाभ मिले।
11.3 साल से अधिक एक ही स्थान पर पदस्थापित कर्मियों का स्थानांतरण नीति के अनुसार हो और वार्ड स्तर पर पक्षपात की निष्पक्ष जांच हो।
संयुक्त मोर्चा ने कहा है कि अगर प्रबंधन ने टकराव की स्थिति बनने से पहले वार्ता की तिथि निर्धारित नहीं की तो हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इसकी जानकारी मधुबनी नगर निगम आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ के महामंत्री बब्बू राम ने दी है।



