
बिहार सरकार का बड़ा फैसला: CHO के रूप में काम कर रही सभी स्टाफ नर्सों की प्रतिनियुक्ति समाप्त, मूल पद पर वापसी का आदेश
पटना- 29 सितंबर। बिहार स्वास्थ्य विभाग ने राज्य भर के स्वास्थ्य उपकेंद्र-आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (HSC-AAM) पर CHO के रूप में प्रतिनियुक्त स्टाफ नर्सों को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब सभी स्टाफ नर्सों की प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुए उन्हें उनके मूल पदस्थापन स्थल पर वापस भेजा जा रहा है।
क्या है आदेश में?
आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय-3 के अंतर्गत “सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन” के तहत प्रखंड से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र तथा जिला अस्पतालों को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
वर्ष 2022-23 में राज्य में 8179 क्रियाशील स्वास्थ्य उपकेंद्र-आयुष्मान आरोग्य मंदिर थे, जिसके विरुद्ध मात्र 3070 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) कार्यरत थे। CHO की कमी के कारण स्टाफ नर्सों को CHO के रूप में कार्य करने के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था। यह प्रतिनियुक्ति विभागीय आदेश एवं राज्य स्वास्थ्य समिति के पत्र के माध्यम से की गई थी।
वर्तमान में राज्य में 10470 स्वास्थ्य उपकेंद्र-आयुष्मान मंदिर क्रियाशील* हैं, जिसके विरुद्ध 6378 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) कार्यरत हैं।
विभाग ने निर्णय लिया है कि स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु अब CHO की कमी को नजदीक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर पदस्थापित CHO को संबद्ध करके पूरा किया जाएगा।
अब स्वास्थ्य विभागीय आदेश के माध्यम से प्रतिनियुक्त सभी स्टाफ नर्स की प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुए उनके मूल पदस्थापन स्थल पर वापस किया जाता है। इस आदेश की प्रतिलिपि कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, सभी सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और सभी जिला कार्यक्रम प्रबंधक को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
मधुबनी में 21 नर्सों की वापसी— स्वास्थ्य विभाग ने CHO के रूप में काम कर रही स्टाफ नर्सों की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के साथ ही जिलेवार आंकड़ा भी जारी किया है। इस आंकड़े के अनुसार राज्य भर में कुल 666 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (AAMs) पर स्टाफ नर्सें CHO का काम देख रही थीं।
जारी सूची के अनुसार इसमें 182 नियमित (Regular) स्टाफ नर्स और 484 NHM की स्टाफ नर्स शामिल हैं।
किस जिले में कितनी नर्सें थीं –
सबसे ज्यादा प्रभावित जिले पूर्वी चंपारण: 57 AAMs पर (42 Regular + 15 NHM), समस्तीपुर: 48 AAMs पर (2 Regular + 46 NHM), गोपालगंज: 48 AAMs पर (22 Regular + 26 NHM), पूर्णिया: 45 AAMs पर (45 NHM), सारण: 43 AAMs पर (37 Regular + 6 NHM), सीतामढ़ी:* 40 AAMs पर (9 Regular + 31 NHM) है।
मिथिला के जिलों की स्थिति –
मधुबनी: 21 AAMs पर (0 Regular + 21 NHM), दरभंगा: 18 AAMs पर (18 NHM), सुपौल: 9 AAMs पर (9 NHM), सहरसा: 19 AAMs पर (19 NHM), मधेपुरा: 4 AAMs पर (4 NHM)
सबसे कम-
मुजफ्फरपुर: सिर्फ 1 AAM पर (1 Regular), रोहतास: 1 AAM पर (0 Regular + 1 NHM),
विभाग का कहना है कि अब 6378 CHO कार्यरत हो चुके हैं, इसलिए इन सभी 666 स्टाफ नर्सों को उनके मूल अस्पतालों में वापस भेजा जा रहा है। खाली पड़े AAMs को नजदीक के CHO से संबद्ध कर चलाया जाएगा।



