
WhatsApp पर 14 पैसे प्रति मैसेज का क्या है सच? 1 अक्टूबर से लागू हो रहा नया नियम, जानिए किसे देना होगा पैसा
नई दिल्ली- 29 सितंबर। सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि अब WhatsApp पर एक मैसेज भेजने के लिए 14 पैसे खर्च करने होंगे। इस खबर के बाद आम यूजर्स में भ्रम की स्थिति बन गई है। आखिर इसका सच क्या है? दरअसल, ये खबर पूरी तरह अफवाह नहीं है, लेकिन यह आम लोगों के लिए नहीं है।
क्या कहा है Meta ने?
WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta ने जुलाई 2026 में जारी अपने नए प्राइसिंग डॉक्यूमेंट में स्पष्ट किया है कि 1 अक्टूबर 2026 से WhatsApp Business Platform (API) के बिलिंग नियम बदल रहे हैं।
अभी तक नियम था कि जब कोई ग्राहक किसी कंपनी को मैसेज करता था, तो 24 घंटे के लिए एक कस्टमर सर्विस विंडो खुल जाती थी। इस विंडो में कंपनी ग्राहक को जितने चाहे उतने रिप्लाई फ्री में भेज सकती थी। ये सेवा नवंबर 2024 से फ्री थी।
Meta ने अब कहा है कि “Effective October 1, 2026, Meta will charge on a per-message basis for all service messages”
यानि अब इसी विंडो में भेजे गए सर्विस और यूटिलिटी मैसेज पर भी चार्ज लगेगा।
नया रेट क्या है?
Meta के अनुसार भारत में यूटिलिटी और सर्विस मैसेज का रेट 0.115 (लगभग 11.5 पैसा) प्रति डिलीवर मैसेज रखा गया है, जिसे ही लोग बढ़ा-चढ़ाकर 14 पैसा बता रहे हैं। मार्केटिंग मैसेज के लिए ये रेट 0.86 है। हर बिजनेस नंबर को हर महीने पहले 1000 सर्विस मैसेज फ्री मिलेंगे।
किस पर लागू होगा?
यह नियम केवल उन बड़ी कंपनियों, बैंकों, ई-कॉमर्स, फिनटेक और टेलीकॉम कंपनियों पर लागू होगा जो WhatsApp Business API का उपयोग करती हैं।
आम आदमी पर असर?
कंपनी ने साफ किया है कि आम यूजर्स और फोन में सामान्य WhatsApp Business App चलाने वाले छोटे दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। आपका दोस्तों और परिवार से चैट करना पहले की तरह ही पूरी तरह मुफ्त रहेगा।



