
धान खरीद लक्ष्य बढ़ाकर 50 लाख टन करने की मांग, मंत्री अशोक चौधरी ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
पटना- 28 सितंबर। बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए बिहार में धान खरीद का लक्ष्य 35 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया है।
मंत्री चौधरी ने बताया कि भारत सरकार ने बिहार के लिए KMS 2026-27 में धान खरीद का लक्ष्य 35 लाख टन निर्धारित किया है, जिसकी अवधि 01 नवंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक है। पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि बिहार में धान उत्पादन लगातार बढ़ा है, लेकिन खरीद लक्ष्य घटता गया है।
उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया कि 2023-24 में अनुमानित उत्पादन 133.26 लाख टन था और खरीद लक्ष्य 45 लाख टन था। साल 2024-25 में उत्पादन बढ़कर 141.08 लाख टन हुआ, लक्ष्य 45 लाख टन रहा। 2025-26 में उत्पादन 151.36 लाख टन पहुंच गया, जबकि लक्ष्य घटकर 36.85 लाख टन रह गया। इस साल 2026-27 में अनुमानित उत्पादन 154.39 लाख टन है, पर लक्ष्य मात्र 35 लाख टन रखा गया है।
उन्होंने कहा कि 01 सितंबर 2026 को खाद्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्यों का लक्ष्य पिछले तीन वर्षों की औसत खरीद उपलब्धि के आधार पर तय करने पर चर्चा हुई थी। बिहार के संदर्भ में यह पद्धति बढ़ते उत्पादन और किसानों की वास्तविक क्षमता के अनुरूप नहीं है। मंत्री ने आग्रह किया कि बिहार का लक्ष्य औसत खरीद के बजाय अनुमानित उत्पादन को आधार बनाकर तय किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को एमएसपी का लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि बिहार में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जन वितरण प्रणाली के लिए प्रतिवर्ष लगभग 33.16 लाख टन चावल की आवश्यकता होती है, जो लगभग 48.87 लाख टन धान के बराबर है। बिहार अब स्थानीय स्तर पर इसकी खरीद में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान 35 लाख टन का लक्ष्य राज्य की जरूरत और किसानों के हित में पर्याप्त नहीं है। लक्ष्य कम रहने से बड़ी संख्या में किसान एमएसपी पर उपज बेचने से वंचित हो सकते हैं। इसलिए लक्ष्य को बढ़ाकर 50 लाख टन किया जाए।



