
2035 तक 1.1 करोड़ अमेरिकियों को बदलना पड़ेगा पेशा, मैकिन्से स्टडी में AI का बड़ा अलर्ट
वॉशिंगटन- 29 सितंबर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेज विकास ने अमेरिका में नौकरी को लेकर बड़ी चिंता पैदा कर दी है। कंसल्टिंग फर्म मैकिन्से एंड कंपनी की मंगलवार को जारी एक स्टडी में बताया गया कि वर्ष 2035 तक अमेरिका में लगभग 1.1 करोड़ (11 मिलियन) कर्मचारियों को अपना पेशा बदलना पड़ सकता है। स्टडी में कहा गया कि वर्ष 2035 तक अमेरिका के लगभग 1.1 करोड़ कर्मचारियों को नए पेशों में जाने की ज़रूरत पड़ सकती है।
ऑटोमेशन की रफ्तार तय करेगी असर—
फर्म ने कहा कि नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों की संख्या 60 लाख से 1.1 करोड़ के बीच हो सकती है, जो इस बात पर निर्भर करेगा कि ऑटोमेशन कितनी तेज़ी से अपनाया जाता है और लेबर की मांग पर इसका क्या असर पड़ता है। रिपोर्ट के अनुसार, अभी हर साल औसतन लगभग 2,15,000 अमेरिकी कर्मचारी अपना पेशा बदलते हैं, लेकिन AI के कारण अगले दशक में यह संख्या तीन गुना हो सकती है।
70% कर्मचारियों को सीखनी होंगी नई स्किल्स—
स्टडी में सबसे अहम बात यह कही गई है कि कर्मचारी पेशा बदलें या न बदलें, उनमें से ज्यादातर को नई स्किल्स विकसित करनी ही होंगी। 70 प्रतिशत से ज़्यादा कर्मचारियों को अपनी नौकरियों में खुद को नए सिरे से ढालना होगा, क्योंकि उनके काम का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा बिल्कुल नए तरह के कामों में लगेगा।
2022 के बाद से AI के साथ काम करने के लिए ज़रूरी स्किल्स की मांग में भारी उछाल आया है।
AI स्किल्स की मांग 11 गुना बढ़ी है। अनुकूलन क्षमता (Adaptability) और जिज्ञासा (Curiosity) की मांग 5 गुना बढ़ी है। लचीलापन (Resilience) और सीखने की इच्छा की मांग 3 गुना बढ़ी है, फर्म ने कहा कि नई तकनीकों का सामना करने वाली हर पीढ़ी यह सोचती है कि क्या मशीनें लोगों की जगह ले लेंगी। AI इस सवाल को फिर से उठाता है क्योंकि यह सभी कर्मचारियों और नौकरियों को प्रभावित करता है, जिसमें बौद्धिक काम भी शामिल है, जिस पर ऑटोमेशन का असर सबसे कम होने की उम्मीद थी।



