
चिन्मय मिशन की शताब्दी यात्रा और विकसित भारत का अभियान साथ-साथ चलेंगे: PM मोदी
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2047 में जब भारत आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब चिन्मय मिशन भी अपने 100 साल पूरे करने की ओर होगा। दोनों की यात्रा एक साथ चलेगी, क्योंकि दोनों के लक्ष्य एक हैं – राष्ट्र का निर्माण।
PM मोदी शुक्रवार को भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
होलोग्राम देख 33 साल पीछे लौट गए—
PM ने कहा कि आधुनिक तकनीक से स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राम के दर्शन कर ऐसा लगा जैसे 33 साल पीछे चले गए हों। 1993 में बड़ौदा में गुरुदेव से मुलाकात, उनका स्नेह और आशीर्वाद याद आ गया। उन्होंने बताया कि 1993 में वह गुरुदेव को शिकागो की विश्व धर्म संसद के शताब्दी समारोह के लिए आमंत्रित करने गए थे, लेकिन 3 अगस्त को सैन डिएगो में उनका निधन हो गया।
मोदी ने कहा कि तब से 25 साल से सरकार के मुखिया के तौर पर सेवा कर रहा हूं, गुरुदेव का आशीर्वाद साथ रहा है।
युवाओं ने 300 दिन में 40 हजार KM यात्रा की—
चिन्मय मिशन के युवाओं की तारीफ करते हुए PM ने कहा कि उन्होंने करीब 300 दिनों में 40 हजार किलोमीटर यात्रा कर 1 लाख से अधिक युवाओं से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि चिन्मय मिशन केवल संस्था नहीं, एक विचार है। स्वामी जी ने गीता ज्ञान यज्ञ से वेदांत और उपनिषदों को जन-जन तक पहुंचाया। आज मिशन के 100 से अधिक शिक्षण संस्थान भारतीय संस्कारों के साथ आधुनिक शिक्षा दे रहे हैं।
विरासत पर गर्व—
PM ने कहा कि स्वामी जी की सोच के अनुरूप ही नई शिक्षा नीति में भारतीय ज्ञान परंपरा और मातृभाषा को महत्व दिया गया है। काशी विश्वनाथ, अयोध्या में राम मंदिर, महाकाल महालोक, केदारनाथ-बद्रीनाथ का विकास और चोरी हुई मूर्तियों की वापसी विरासत पर गर्व का प्रमाण है।
मोदी ने तीन बड़े आह्वान किए—
1. देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होना।
2. आत्मनिर्भरता के लिए जागरूकता।
3. 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक ले जाना।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग संस्थाओं के उद्देश्य अलग हो सकते हैं, लेकिन देश का विकास साझा लक्ष्य है।



