हेल्थ

आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक और शोध से जोड़कर जन-जन तक पहुंचाएंगे: स्वास्थ्य मंत्री 

पटना- 23 सितंबर। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक शोध और डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़कर राज्य के हर वर्ग तक पहुंचाया जाएगा। आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का माध्यम भी है। मंत्री बुधवार को पटना के ज्ञान भवन में 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य विभाग की राज्य आयुष समिति की ओर से किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार का आयुर्वेद से पुराना और समृद्ध संबंध रहा है। महर्षि चरक, राजवैद्य जीवक और आचार्य नागार्जुन जैसी परंपराओं ने इस विरासत को समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की इस परंपरा को आधुनिक तकनीक और शोध के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आयुर्वेद और संपूर्ण आयुष क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है। राज्य में 294 आयुष आरोग्य मंदिर और आयुष अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं। जर्जर अस्पतालों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। राजकीय आयुर्वेद कॉलेज, पटना के बुनियादी ढांचे, शोध प्रयोगशाला, अस्पताल और आईपीडी सुविधाओं को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित करने के साथ विभिन्न विभागों में आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

निशांत ने कहा कि आयुर्वेदिक दवाओं को आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे चिकित्सकों को इन्हें लिखने और मरीजों को आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में आयुर्वेद के लिए अलग विंग विकसित करने की योजना है।

स्वास्थ्य मंत्री ने आयुर्वेदिक चिकित्सा व्यवस्था के डिजिटलीकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने मरीजों के डिजिटल रिकॉर्ड, शोध, वैज्ञानिक प्रमाण, आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की सुविधाएं केवल शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि गांवों और गरीब परिवारों तक भी पहुंचनी चाहिए।

निशांत ने राष्ट्रीय स्तर पर आयुर्वेद से जुड़े बड़े आयोजन करने तथा देश के प्रसिद्ध चिकित्सकों, वैद्यों और विशेषज्ञ संस्थानों को इससे जोड़ने की योजना की भी जानकारी दी।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!