
मखाना खेती को मिलेगा नया आधार, झंझारपुर में तैयार हो रहा गुणवत्तापूर्ण बीज, 250 किसानों को मिला प्रशिक्षण
मधुबनी – 21 सितंबर। मखाना की खेती को अधिक लाभकारी बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र, झंझारपुर द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

केन्द्र में मखाना के गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। केन्द्रीय प्रायोजित उन्नत मखाना अनुसंधान एवं विकास केन्द्र, पूसा के तत्वावधान में संचालित इस पहल से किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध होने की नई उम्मीद जगी है।
क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र, झंझारपुर के प्रभारी पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि केन्द्र में लगभग 0.5 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मखाना बीज उत्पादन प्रक्षेत्र तैयार किया गया है। इस प्रक्षेत्र से करीब 500 किलोग्राम से अधिक मखाना बीज प्राप्त होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज ही मखाना उत्पादन की सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। बेहतर बीज की उपलब्धता से किसानों को वैज्ञानिक और उन्नत तरीके से खेती करने में काफी मदद मिलेगी।
केन्द्र द्वारा मखाना की वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों को आधुनिक उत्पादन तकनीक और उद्यमिता विकास के लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब तक विभिन्न गांवों के 250 से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
बीज निष्कासन के दौरान पूसा की तकनीकी टीम भी मौके पर मौजूद रही। टीम में डॉ. उदित कुमार, डॉ. ध्रुव कुमार, धीरेन्द्र कुमार एवं आशीष राय सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।



