
BIHAR:- मधुबनी में 1.69 करोड़ पर पर्दा डालने की तैयारी, सरकार कह रही मधुबनी में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक तैयार, हाकिम बता रहे ‘अनुपयोगी’
जिला प्रशासन ने पंडौल CO को नई जमीन तलाशने का दिया निर्देश
मधुबनी- 23 सितंबर। बिहार में अफसरशाही कितनी हावी हो चुकी है, इसका बेजोड़ नमूना मधुबनी के ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक में देखने को मिल रहा है। जहां सरकार कह रही है कि मधुबनी में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनकर तैयार है, वहीं अफसरशाही ने उसे दो साल से बदहाल छोड़ दिया है। अपनी गलती यानी बिना जमीन की जांच और NOC के 1.69 करोड़ खर्च करने को छुपाने के लिए स्थानीय स्तर पर एक कमेटी बनाकर ट्रैक को ‘अनुपयोगी’ बता दिया गया और अब पंडौल सीओ को नए ट्रैक के लिए जमीन चिन्हित करने का निर्देश दे दिया गया है। इस तरह अफसरशाही सरकार की आंखों में धूल झोंक रही है।
32 जिलों में ट्रैक तैयार, सरकार का दावा—
22 सितंबर को दैनिक जागरण में प्रकाशित राज्य ब्यूरो की खबर के अनुसार बिहार के 32 जिलों में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनकर तैयार है, जिसमें मधुबनी का नाम भी शामिल है। सरकार का दावा है कि इन ट्रैकों पर जल्द ही टेस्ट शुरू होंगे।
फाइल में तैयार, जमीन पर विवादित—
हकीकत ये है कि गंगासागर चौक स्थित ट्रैक पर 69 लाख और चहारदीवारी पर 1 करोड़, कुल 1.69 करोड़ खर्च के बाद भी परिवहन विभाग हैंडओवर नहीं ले रहा है। सूत्र बताते हैं कि जमीन राज दरभंगा और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के बीच विवादित है। बिना NOC के ही राशि खर्च कर दी गई।
असामाजिक तत्वों का अड्डा—
एक हिन्दी दैनिक अखबार की रिपोर्ट में सरकार कह रही है कि नये ट्रैक से लाइसेंस प्रणाली पारदर्शी होगी। लेकिन मधुबनी का ट्रैक असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है, अंदर शराब की बोतलें, गंदगी और जुआरियों का जमावड़ा लगा रहता है। कांग्रेस नेता विपिन झा ने इसे हाईकोर्ट ले जाने और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जागरण के अनुसार जिन 32 जिलों में ट्रैक तैयार है, उसमें मोतिहारी, पूर्णिया, बांका, नवादा, भागलपुर, कैमूर, दरभंगा, किशनगंज, नालंदा, शिवहर, समस्तीपुर, जहानाबाद, सीतामढ़ी, रोहतास, मुंगेर, शेखपुरा, जमुई, बेतिया, बक्सर, अररिया, बेगूसराय, लखीसराय, खगड़िया, सारण, मधुबनी, मधेपुरा, गया, गोपालगंज, सुपौल, अरवल, सहरसा और सिवान शामिल है।



