
अमेरिका में थर्ड-कंट्री डिपोर्टेशन को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी, दिसंबर में होगी ट्रंप की नीति पर फाइनल बहस
वॉशिंगटन- 30 सितंबर। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को बड़ी राहत देते हुए तीसरे देशों में प्रवासियों को वापस भेजने (Third-Country Deportation) की प्रक्रिया फिर से शुरू करने की अस्थायी मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने मैसाचुसेट्स के फेडरल जज के 25 फरवरी 2026 के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें अवैध प्रवासियों को उनके मूल देश के अलावा किसी अन्य देश में भेजने पर अस्थायी पाबंदी लगाई गई थी।
आदेश में कहा गया है कि “जस्टिस जैक्सन के सामने पेश की गई और उनके द्वारा कोर्ट को भेजी गई स्टे की अर्जी मंजूर की जाती है। मैसाचुसेट्स जिले के लिए यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के 25 फरवरी 2026 के आदेश और फैसले पर रोक लगाई जाती है।”
इससे पहले अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने पिछले हफ्ते कहा था कि मैसाचुसेट्स कोर्ट के फैसले के खिलाफ न्याय विभाग सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगा। रिया नोवोस्ती के अनुसार, उसी अपील पर यह अंतरिम आदेश आया है। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही ऐलान किया है कि वह दिसंबर 2026 में ट्रंप प्रशासन की थर्ड-कंट्री डिपोर्टेशन नीति की वैधता पर अंतिम बहस करेगा। तब तक प्रशासन को डिपोर्टेशन जारी रखने की छूट मिल गई है।
फैसले में 3 लिबरल जस्टिस – सोनिया सोटोमायोर, एलेना कगन और केतांजी ब्राउन जैक्सन ने विरोध दर्ज कराया है।
गौरतलब है कि 47वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेते ही डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध आप्रवासन रोकने और बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन का संकल्प लिया था और सीमा पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की थी।



