
मधुबनी में सरकारी दफ्तरों का बदलेगा अंदाज: अब बायोमेट्रिक हाजिरी और ई-ऑफिस से तय होगी जवाबदेही, लेट-लतीफ कर्मियों पर होगी कार्रवाई
मधुबनी, 30 अक्टूबर। सरकारी कार्यों में जवाबदेही, समयबद्धता और पारदर्शिता लाने के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बड़ी पहल की है। अब जिला से लेकर प्रखंड और पंचायत तक सभी अधिकारियों-कर्मियों की हाजिरी बायोमेट्रिक प्रणाली से लगेगी और फाइलों का निपटारा ई-ऑफिस से होगा।
क्या है नई व्यवस्था —
10:10 तक हाजिरी अनिवार्य:
पंचायत कार्यपालक सहायक, ग्राम कचहरी सचिव, न्याय मित्र, लेखापाल सह आईटी सहायक, पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी, आवास सहायक, रोजगार सेवक, विकास मित्र, किसान सलाहकार, मनरेगा कर्मी सहित सभी कर्मियों को रोज सुबह 10:00 से 10:10 बजे के बीच बायोमेट्रिक से हाजिरी लगाकर उसकी फोटो प्रखंड के निर्धारित WhatsApp ग्रुप में शेयर करनी होगी।
10:20 तक BDO देंगे रिपोर्ट:
सभी BDO को 10:10 से 10:20 के बीच अपनी प्रखंड की समेकित हाजिरी रिपोर्ट जिला ग्रुप में भेजनी होगी।
निगरानी तय: प्रखंड स्तर पर BDO और जिला स्तर पर अपर समाहर्ता एवं स्थापना उप समाहर्ता को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है।
लगातार 3 दिन गायब तो होगी कार्रवाई —
डीएम ने स्पष्ट कहा है कि अगर कोई कर्मी लगातार 3 कार्य दिवस तक ग्रुप में अपनी उपस्थिति साझा नहीं करता है तो उसे अनधिकृत अनुपस्थित मानते हुए बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अक्टूबर में 11 कर्मी मिले अनुपस्थित —
जिला मॉनिटरिंग शाखा की अक्टूबर माह की समीक्षा में पंचायती राज विभाग के 11 कर्मी 10:30 बजे तक अनुपस्थित पाए गए हैं, जिनसे कारण पृच्छा की जा रही है। इससे साफ है कि यह व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है।
ई-ऑफिस से फाइलें नहीं अटकेंगी —
डीएम ने ई-ऑफिस प्रणाली पर भी जोर दिया है। इससे फाइल कहां अटकी है, किस स्तर पर लंबित है, यह तुरंत पता चलेगा और आम लोगों के प्रमाण-पत्र, राजस्व और शिकायत जैसे कार्यों का समय पर निष्पादन होगा।
डीएम ने कहा कि लापरवाही और अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तकनीक आधारित पहल से आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रशासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बनेगा।



