बिहार

MADHUBANI शहर के रामजी कारक धर्मशाला की छत और दीवारे हो सकता ध्वस्त,कई दुकानदारों की जा सकती जान, समय रहते नगर निगम को एक्शन लेने की जरूरत

मधुबनी- 06 अगस्त। मधुबनी शहर के गिलेशन बाजार स्थित रामजी कारक धर्मशाला अब खंडहर में तब्दील हो गया है। धर्मशाला के अंदर की स्थिति भयावह है। खंडहरनुमा धर्मशाला के जर्जर हिस्से को स्थानीय कई फल विक्रेताओं ने गोदाम बना लिया है। कई विक्रेताओं को खंडहर बने धर्मशाला में रहते भी है।

धर्मशाला की दीवार,छत को कभी भी ध्वस्त होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। अगर किसी तरह की अनहोनी होती है तो जान-माल की हानि हो सकती है खतरनाक बन चुके इस धर्मशाला में रहने वाले किसी अनहोनी के शिकार होते है, तो इसके जिम्मेवार कौन होंगे। यह बड़ा सवाल बना है। जर्जर धर्मशाला में रहने वालों को किसी घटना से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए नगर निगम द्वारा समुचित कदम उठाना चाहिए।धर्मशाला के एक हिस्से में कभी बनाए गए मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमा की उपेक्षा हो रही है।

बतादें कि दो दशक पूर्व तक इस धर्मशाला का लोगों को लाभ मिलता रहा था। लेकिन धर्मशाला की रखरखाव की कमी और इसके संचालन में उदासीनता से धर्मशाला की हालत खराब होती गई। बदहाल धर्मशाला की जमीन पर भू-माफियाओं की नजर लगी है। धर्मशाला के भू-स्वामी और इसके संचालक भी इसके जीर्णोद्धार की बात भूल गए है।

मालुम हो कि साल 1954 में रामजी कारक धर्मशाला का संचालन शुरु किया गया। शहर के रामावतार महासेठ, अनंत महासेठ, नथुनी पूर्वे, बनारसी पूर्वे, काशी पूर्वे,रामावतार महतो के देखरेख में धर्मशाला का संचालक होता रहा। धर्मशाला का सेवक महावीर चौधरी को बनाया गया था। धर्मशाला के ऊपरी तल्ला पर मंदिर का निर्माण किया गया था। जिसका देखभाल लक्ष्मी महतो व रामलखन कारक करते रहे। समय के इसमें से अधिकांश लोगों का निधन हो गया। धर्मशाला संचालक के लिए साल 1995 में शहर के सिंघेश्वर नायक, राम प्रताप कारक, लक्ष्मी महतो रामलखन कारक को जोडा था।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!