
MADHUBANI: शहर के गंगासागर काली मंदिर परिसर पर 01 अगस्त से नए लीज धारक का दावा, पुराने की हो गई छुट्टी
मधुबनी- 29 जुलाई। शहर के गंगासागर काली मंदिर परिसर पर 01 अगस्त से शहर के एक नये लीज धारक का दावा होगा। पुराने लीज धारक की इस परिसर से छुट्टी हो गई है। महाराज कामेश्वर सिंह धार्मिक न्यास दरभंगा से मिली जानकारी के मुताबिक 01 अगस्त से इस परिसर पर पुराने लीज धारक का दावा नहीं रहेगा। मालुम हो कि पिछले साल 01 सिंतबर 2025 से दिए गए लीज धारक के लीज की अवधि (11 माह के लिए) 31 जुलाई को पूरा हो जाएगा। जिससे अगस्त से इस परिसर के दुकानदारों को नए लीज धारक को अग्रिम राशि और मासिक किराया का भुगतान करना होगा। बहरहाल, परिसर के दुकानदारों के समक्ष पुराने लीज धारक को दिए गए अग्रिम राशि वापसी का संकट उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। कई दुकानदारों ने बताया कि पिछले साल के लीज धारक द्वारा यहां के दुकानदारों से एक से दो लाख रुपये अग्रिम लिए गए थे। जिसका कोई कागजी सबूत नहीं दिया गया। मौखिक आधार पर लिए गए अग्रिम राशि नहीं लौटाने पर समस्या खड़ी हो सकती है।दुकानदारों ने बताया कि मासिक किराया के रुप में एक दुकान से 10 से 20 हजार रुपये लिए जा रहे हैं। दुकानदारों ने बताया कि पुराने लीज धारक द्वारा लिए गए अग्रिम राशि नहीं लौटाने पर उनके पोस्ट ऑफिस स्थित कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
बतादें कि पिछले साल के लीज धारक द्वारा इस परिसर को जबरन खाली कराने का एक मामला उच्च न्यायालय, पटना में होने को आधार बनाकर इस साल उनकी जगह नए लोग को लीज दिया गया है। जानकारों के मुताबिक इस परिसर की लीज को लेकर पिछले साल कई दिनों तक चले विवाद से राज दरभंगा की छवि को आधात पहुंचा था। जिससे इस साल नए लोग को लीज दिया गया है।
हालांकि नए सिरे से लीज को लेकर पुराने लीज धारक लीज की अवधि बढ़ाने के लिए पिछले दो माह से महाराज कामेश्वर सिंह धार्मिक न्यास दरभंगा का लगातार चक्कर काट रहे थे। इसी बीच शहर के एक अन्य व्यक्ति लीज अपने नाम कराने के लिए सफल भी हो गए थे कि 27 जुलाई को एक तीसरे व्यक्ति की इंट्री हो गई और लीज लेने में सफल रहे है। लीज लेने वाले का नाम का खुलासा एक-दो दिन में हो सकता है।



