
मधुबनी में महाकवि विद्यापति के गीतों पर लगेगी सुरों की पाठशाला, चार दिवसीय विशेष कार्यशाला 04 नवंबर से
मधुबनी, 30 अक्टूबर। मिथिला के गौरव महाकवि विद्यापति की अमर रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कला-संस्कृति विभाग बड़ी पहल करने जा रहा है। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा संचालित आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र, मधुबनी में महाकवि विद्यापति द्वारा रचित गीतों पर आधारित चार दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
कब और कैसे —
यह कार्यशाला 4 नवंबर से 7 नवंबर 2026 तक आयोजित होगी। कार्यशाला का संचालन सुप्रसिद्ध संगीतज्ञ पंडित राधा मोहन मिश्रा द्वारा किया जाएगा।
इसमें प्रतिभागियों को विद्यापति के अमूल्य गीतों, उनकी गायन शैली, संगीत परंपरा और सांस्कृतिक महत्ता से परिचित कराया जाएगा। साथ ही गायन और प्रस्तुतीकरण का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
50 सीटें, पहले आओ-पहले पाओ —
कार्यशाला में कुल 50 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर होगा। इच्छुक बच्चे और विद्यार्थी सीट उपलब्धता के अनुसार भाग ले सकते हैं।
दो सत्रों में होगी ट्रेनिंग —
प्रतिदिन दो सत्र चलेंगे –
-प्रथम सत्र: अपराह्न 3:00 से 4:00 बजे तक।
-द्वितीय सत्र: अपराह्न 4:30 से सायं 6:30 बजे तक
कहां करें संपर्क —
आवेदन के लिए कार्यालय अवधि में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र, ग्राउंड फ्लोर, जिला परिषद कार्यालय, मधुबनी में संपर्क कर सकते हैं। जानकारी के लिए संपर्क नंबर – 9931747796 पर कॉल करें।
आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यापति की समृद्ध संगीत-सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना और युवाओं में मैथिली गीत-संगीत के प्रति रुचि पैदा करना है।



