विश्व

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह, भारत दौरे पर PM मोदी के साथ दिल्ली से शुरू करेंगे जनकपुर-अयोध्या रेल सेवा

बालेन शाह की भारत यात्रा में 4 बड़ी परियोजनाओं का करेंगे संयुक्त उद्घाटन

काठमांडू- 07 नवंबर। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के प्रस्तावित भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की ओर से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का संयुक्त रूप से उद्घाटन कराने की तैयारी की जा रही है, जिनमें अयोध्या से जनकपुरधाम रेल सेवा भी शामिल है। नेपाली प्रधानमंत्री शाह की 23 से 25 नवंबर तक भारत यात्रा की तैयारी चल रही है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री 4 और 5 नवंबर को काठमांडू आए थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के एजेंडे पर प्रारंभिक चर्चा की थी।

प्रधानमंत्री शाह की भारत यात्रा के दौरान भगवान राम और माता सीता की जन्मभूमि अयोध्या तथा जनकपुरधाम को रेल सेवा से जोड़ने की योजना को हरी झंडी दिखाई जा सकती है। मधेश प्रदेश की राजधानी जनकपुरधाम से भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या तक प्रस्तावित रेल सेवा का गुरुवार को परीक्षण भी किया गया।

भारत के अयोध्या से नेपाल के जनकपुरधाम तक डब्ल्यूडीपी 4डी 40403 नंबर के इंजन और 17 डिब्बों वाली भारतीय ट्रेन के जरिए तकनीकी परीक्षण किया गया। नेपाल रेलवे कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि 67 भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने रेल पटरी की स्थिति और ट्रेन की गति सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण किया।

अधिकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री शाह और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नई दिल्ली से ही संयुक्त रूप से इस रेल सेवा का उद्घाटन करने की योजना है। इसी को ध्यान में रखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
जनकपुरधाम-अयोध्या रेल सेवा सप्ताह में एक दिन संचालित करने की तैयारी है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, ट्रेन अयोध्या से रवाना होकर अगली सुबह जनकपुरधाम पहुंचेगी। इसी तरह जनकपुरधाम से शाम को रवाना होने वाली ट्रेन अगले दिन सुबह अयोध्या पहुंचेगी।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी जनकपुरधाम और अयोध्या को रेल संपर्क से जोड़ने की इच्छा जता चुके हैं। इस परियोजना में उनकी विशेष रुचि को देखते हुए प्रधानमंत्री शाह की भारत यात्रा के दौरान इसका उद्घाटन कराने की तैयारी की जा रही है। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की ओर से नेपाल के काभ्रे जिले के पनौती में निर्माणाधीन राष्ट्रीय पुलिस प्रशिक्षण प्रतिष्ठान का भी संयुक्त उद्घाटन कराने की तैयारी है।

यह आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र अब निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच चुका है। भारत की ओर से उपलब्ध कराए गए 10 अरब 1 करोड़ 51 लाख नेपाली रुपये (वैट के अतिरिक्त) की लागत से बन रही इस परियोजना का 95 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है।

पनौती में 62 बीघा से अधिक जमीन पर राष्ट्रीय पुलिस प्रशिक्षण प्रतिष्ठान का निर्माण किया जा रहा है। इसके तहत कुल 67 भौतिक संरचनाएं बनाई गई हैं। फिलहाल महाराजगंज में संचालित राष्ट्रीय पुलिस प्रशिक्षण प्रतिष्ठान को पनौती स्थानांतरित करने की योजना के तहत वर्ष 2052 (नेपाली कैलेंडर) में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। अब यह परियोजना पूरी होने के करीब है।
प्रधानमंत्री शाह की भारत यात्रा के दौरान भैरहवा में निर्माणाधीन एकीकृत जांच चौकी (इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट) का भी उद्घाटन कराने की तैयारी है।

भैरहवा सीमा शुल्क कार्यालय के प्रमुख हरिहर पौडेल के मुताबिक, नेपाल-भारत व्यापार को व्यवस्थित और सुगम बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के सहयोग से तैयार की जा रही यह परियोजना अब पूरी होने के करीब है।

भैरहवा में आईसीपी का निर्माण भारतीय कंपनी केएसएम वसीर मोहम्मद एंड सन्स ने वर्ष 2023 में शुरू किया था। पौडेल के अनुसार, निर्माण कंपनी परियोजना का काम पूरा कर नेपाल सरकार को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया में है।
उन्होंने बताया कि आईसीपी की मुख्य संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि कुछ छोटे-मोटे काम बाकी हैं। हालांकि, भवन हस्तांतरित होते ही इसका संचालन शुरू नहीं हो जाएगा। इसके लिए कार्यालय संचालन से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाएं करनी होंगी। पौडेल ने कहा, ‘उद्घाटन के बाद भी इसे पूरी तरह से संचालित करने में कुछ महीने लग सकते हैं।’

इस आईसीपी के निर्माण का ठेका 161 करोड़ 76 लाख भारतीय रुपये में दिया गया था। इसके निर्माण के लिए 17 वर्ष पहले ही 52 बीघा जमीन का अधिग्रहण किया गया था। यहां आयात के लिए करीब 700 और निर्यात के लिए 300 यानी कुल 1,000 मालवाहक ट्रकों की पार्किंग की सुविधा विकसित की गई है।

प्रधानमंत्री शाह की भारत यात्रा के दौरान लुंबिनी में निर्मित बौद्ध विहार का भी दोनों देशों के प्रधानमंत्री संयुक्त रूप से उद्घाटन कर सकते हैं।

इस बौद्ध विहार का शिलान्यास भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2022 को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर अपनी लुंबिनी यात्रा के दौरान किया था। अब इसका निर्माण पूरा हो चुका है।

लुंबिनी विकास कोष विभिन्न देशों को अपनी बौद्ध संस्कृति और परंपरा को दर्शाने वाले विहार बनाने की अनुमति देता है। इसी क्रम में भारत ने भी कमल के फूल के आकार का बौद्ध विहार बनाया है।

लुंबिनी विकास कोष के प्रवक्ता ज्ञानिन राई के अनुसार, इस विहार का निर्माण भारत के संस्कृति मंत्रालय के अधीन अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) ने किया है।
इस तरह प्रस्तावित यात्रा के दौरान जनकपुरधाम-अयोध्या रेल सेवा, पनौती पुलिस प्रशिक्षण प्रतिष्ठान, भैरहवा आईसीपी और लुंबिनी बौद्ध विहार सहित चार प्रमुख परियोजनाओं के संयुक्त उद्घाटन का एजेंडा तैयार किया जा रहा है।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!