विश्व

नेपाल भारत से मांगेगा 3 लाख करोड़ का रियायती ऋण और अनुदान, विदेश सचिव मिस्री पहुंचे काठमांडू

काठमांडू, 04 नवंबर। नेपाल, भारत से करीब 3 लाख करोड़ रुपये (2 अरब अमेरिकी डॉलर) का रियायती ऋण और अनुदान मांगने जा रहा है। आज से शुरू होने वाले भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री की नेपाल यात्रा के दौरान इस प्रस्ताव को उनके सामने रखा जाएगा। 23-24 नवंबर को होने वाली प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की भारत यात्रा के दौरान नेपाल आर्थिक सहायता पैकेज की मांग करने की तैयारी में है। इस भ्रमण की तैयारी को लेकर आज से दो दिनों के नेपाल दौरे पर विदेश सचिव मिस्री नेपाल पहुंच गए हैं। इसका मकसद भ्रमण के एजेंडे को अंतिम रूप देना है।

नेपाल के विदेश मंत्रालय की तरफ से 1 अरब अमेरिकी डॉलर का रियायती ऋण, 50 करोड़ डॉलर का अनुदान और भोटेकोशी बाढ़ से हुए नुकसान के पुनर्निर्माण के लिए 50 करोड़ डॉलर सहित 2 अरब डॉलर से अधिक की आर्थिक सहायता मांगी जाएगी। विदेश और वित्त मंत्रालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस विषय पर प्रारंभिक चर्चा होगी। प्रधानमंत्री शाह की यात्रा की तैयारियों के बीच भारत के नवनियुक्त राजदूत सुधाकर दलेला मंगलवार को काठमांडू पहुंच चुके हैं।

वित्तमंत्री स्वर्णिम वाग्ले की अक्टूबर में हुई भारत यात्रा के दौरान सहायता पैकेज से संबंधित प्रारंभिक प्रस्ताव पेश किया गया था। हालांकि, भारतीय सहायता के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं और उनके लिए आवश्यक राशि का विस्तृत विवरण मिस्री की यात्रा के दौरान भारत को सौंपने की तैयारी है। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान पैकेज पर बातचीत पूरी होने और इसकी घोषणा होने की संभावना है।

नेपाल के विदेश सचिव अमृत राई ने कहा कि विभिन्न सरकारी निकायों से परामर्श के बाद नेपाल ने जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसके अनुसार नई दिल्ली से 1 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का रियायती ऋण मांगा जाएगा। इस राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से देश के भीतर विभिन्न ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में करने की योजना है।

विदेशमंत्री शिशिर खनाल ने मंगलवार को विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों की बैठक बुलाकर मिस्री की यात्रा के दौरान भारत के समक्ष पेश की जाने वाली परियोजनाओं की सूची पर चर्चा की थी। मंत्रालय के अनुसार, बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के एजेंडे को एकीकृत करने के साथ ही भारत की सहायता से नेपाल में संचालित परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा भी की गई।

इसके अलावा, रियायती ऋण और अनुदान के माध्यम से भारत से सहायता मांगने वाली नई परियोजनाओं, खनाल की पिछले जेठ में हुई भारत यात्रा, वाग्ले की असोज में हुई यात्रा और उसके बाद दोनों देशों के बीच हुई बैठकों में उठाए गए मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मिस्री अपने नेपाली समकक्ष और विदेश सचिव अमृत बहादुर राई के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी करेंगे। इस दौरान राई भारत के विचारार्थ नेपाल की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की सूची औपचारिक रूप से मिस्री को सौंपेंगे।

रियायती ऋण के अलावा नेपाल सिद्धार्थ राजमार्ग के उन्नयन के लिए भारत से 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त अनुदान मांगने की तैयारी में है। भारत के सुनौली सीमा नाके को पोखरा से जोड़ने वाले इस राजमार्ग के उन्नयन के लिए विदेश मंत्री खनाल ने पिछले जेठ में भारत यात्रा के दौरान भी इतनी ही राशि का अनुदान देने का आग्रह किया था। इसी तरह, पिछले 26 अगस्त को भोटेकोशी में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए भी 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त सहायता मांगी जाएगी। इस राशि को भी प्रस्तावित आर्थिक सहायता पैकेज में शामिल किया गया है।

Join WhatsApp Channel Join Now
Subscribe and Follow on YouTube Subscribe
Follow on Facebook Follow
Follow on Instagram Follow
Follow on X-twitter Follow
Follow on Pinterest Follow
Download from Google Play Store Download

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!