
नेपाल में फिर बाढ़-भूस्खलन से हाहाकार: 21 की मौत, 5 लापता, 260 घर तबाह; हिमलुंग में 10 पर्वतारोही फंसे
काठमांडू – 28 सितंबर। पड़ोसी देश नेपाल में बंगाल की खाड़ी से उठे लो-प्रेशर सिस्टम के कारण 24 से 27 सितंबर तक हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे देश में तबाही मचा दी है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार अब तक 21 लोगों की मौत, 5 लापता और 5 घायल हैं।
NDRRMA के अनुसार 14 मौतें सिर्फ भूस्खलन से हुईं, 4 मौतें बाढ़ में डूबने से और 3 मौतें लगातार बारिश से जुड़े हादसों में हुईं। 5 लोग अभी भी लापता हैं।
सबसे ज्यादा असर वाले जिले पाल्पा: मथागढ़ी ग्रामीण नगरपालिका में रात में एक घर मलबे में दब गया, 5 शव निकाले गए। बागलुंग में भी एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत।रुपंदेही (बुटवल): तिनाउ नदी के उफान से 6 घर बह गए, 200 घर खतरे में। करीब 1000 लोगों को रातों-रात निकाला गया। चितवन: नारायणी नदी देवघाट में 9.23 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान (9 मीटर) से ऊपर है। रिउ नाला भी 3.92 मीटर पर, खतरे से ऊपर। पहाड़ी जिले: जाजरकोट, म्याग्दी और संक्खुवासभा में फंसे लोगों को आर्म्ड पुलिस फोर्स ने हेलीकॉप्टर से निकाला।
247 परिवार सीधे प्रभावित, 260 घर पूरी तरह तबाह, 80 घरों को आंशिक नुकसान। 1284 लोगों का रेस्क्यू, 3000 लोगों को हाई-रिस्क जोन से सुरक्षित जगह शिफ्ट किया गया। 4 जिलों – मनांग, मुस्तांग, म्याग्दी, मुगू में बिजली पूरी ठप। कालीगंडकी और सेती हाइड्रो प्रोजेक्ट बंद।
106 जगहों पर 100 MM से ज्यादा बारिश। सबसे ज्यादा बारिश दुमकौली (नवलपरासी) में 455.2 MM, पोखरा में 407.2 MM और आंबू खैरेनी में 373.2 MM रिकॉर्ड किया गया।
इस दौरान नेपाल में करीब 9000 विदेशी टूरिस्ट ट्रेकिंग पर थे। मनांग के हिमलुंग हिमाल (7126 मीटर) में हिमस्खलन के बाद 10 सदस्यीय पर्वतारोही दल लापता है। टूरिज्म बोर्ड ने सभी ट्रेकिंग एजेंसियों को एडवाइजरी जारी कर यात्रा रोकने को कहा है।
प्रशासन ने देश भर में हाई अलर्ट जारी किया है और अगले 24 घंटे में और भारी बारिश की चेतावनी दी है।



