
MADHUBANI:- कोसी के तेवर थमे, मगर दियारा में तबाही बरकरार, मधेपुर में 25 हजार आबादी प्रभावित
मधुबनी – 28 सितंबर। कोसी नदी का तेवर थमने के बाद भी मधेपुर प्रखंड के दियारा क्षेत्र में तबाही कायम है। बाढ़ से करीब 25 हजार की आबादी प्रभावित है, 300 से अधिक घरों के आंगन-मुहाने तक पानी पहुंच गया है और लगभग 1500 एकड़ में लगी फसल डूब कर बर्बाद हो गई है।
सुपौल जिले की सीमा से सटे गढ़गांव पंचायत का पूरा क्षेत्र और बसीपट्टी पंचायत का कोसी सुरक्षा बांध से पूर्वी इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित है। गढ़गांव में लोगों के आंगन से पानी निकलना शुरू हुआ है, लेकिन दियारा के निचले भू-भाग में बसे घर अभी भी पानी से घिरे हैं। गोबरगढ़ा, मेनाही, पिरयाही, परिराही, भचनीहर, बंगवा, बाक्सा टोल, भवानीपुर, लुचबनी, असुरगढ़, गोवाल टोल में हालात खराब हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गढ़गांव की भौगोलिक बनावट ऐसी है कि एक बार पानी पसरने के बाद धीरे-धीरे ही छंटता है।
इसके अलावा भरगामा, टेंगराहा, ललवारही, बकुआ, सुनरी, बेली टोल, मनी महपतिया, लीलजा, जोगिया गांव और द्वालख पंचायत के जानकीनगर-खरीक मार्ग भी डूब गया है। अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर पानी आर-पार बह रहा है, लोग नाव से एक-दूसरे का हालचाल ले रहे हैं।
बाढ़ग्रस्त लोगों की टकटकी राहत पर: ब्रह्मानंद यादव
रहिका सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष व राजद नेता ब्रह्मानंद यादव ने बताया कि रविवार शाम से पानी ठमक गया है। बाढ़ग्रस्त लोग राहत और बचाव की ओर टकटकी लगाए हैं। अब तक प्रशासन ने कोई ठोस काम शुरू नहीं किया है। घरों में पानी होने से लोग चौकी पर खाना बनाने को मजबूर हैं, मवेशी चारे के अभाव में भूखे खड़े हैं। बगल के जिले में राहत कार्य चल रहा है, लेकिन यहां सुध लेने वाला भी कोई नहीं है।
नेपाल में डिस्चार्ज घटा, 4 दिन में सुधरेंगे हालात–
जानकारी के अनुसार नेपाल से आने वाले पानी में कमी दर्ज की जा रही है। रविवार शाम 4 बजे कोसी बराज से 2,09,085 क्यूसेक और बराह क्षेत्र से 1,15,000 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया। यदि डिस्चार्ज इसी तरह घटता रहा तो 4 से 5 दिनों में पानी कम हो जाएगा और हालात सामान्य हो जाएंगे।
*कमला बलान का जलस्तर 2 घंटे में 60 सेमी बढ़ा*
झंझारपुर में बह रही कमला बलान नदी में पिछले 36 घंटे से जारी घटाव के बाद रविवार शाम से फिर उछाल शुरू हो गया है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के फ्लड कंट्रोल रूम के अनुसार शाम 4 बजे जलस्तर 49.60 मीटर था जो 6 बजे बढ़कर 50.20 मीटर हो गया। 2 घंटे में 60 सेमी की बढ़ोतरी से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कार्यपालक अभियंता उपेंद्र कुमार ने बताया कि यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ा तो नदी खतरे के निशान को पार कर सकती है। विभाग अलर्ट मोड पर है और तटबंधों की सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।



