
MADHUBANI:- प्रसव के तीन दिनों बाद प्रसूता की मौत से आक्रोशित परिजनों का अस्पताल में हंगामा
मधुबनी, 31 मई। जिला के बेनीपट्टी अनुमंडल मुख्यालय स्थित अंबेडकर चोक के निकट संचालित ज्योत्सना आरोग्य निकेतन हॉस्पिटल पर रविवार को प्रसूता के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। प्रसूता के परिजनों का आरोप है कि गत 28 मई को उन्होंने अपने गर्भवती मरीज काजल कुमारी को डिलेवरी के लिए भर्ती कराया। जहां डॉ राम उद्गार राम खुद नहीं थे। उनकी पत्नी विभा देवी दो तीन सहायकों के साथ गर्भवती महिला का पेट खोल दिया। विभा देवी ने कहा कि, मरीज को खून की कमी है। बच्चा होने के बाद नवजात सौंप दिया। जबकि, जच्चा का शरीर ठंडा हो रहा था। विभा कुमारी को बोले तो डांट दी। कुछ देर बाद जब स्थिति बिगड़ गयी, तब विभा कुमारी के द्वारा दरभंगा रेफर कर दिया गया। जहां मरीज को दरभंगा के एक नामी निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराए। जहां सुबह करीब दो बजे महिला की मौत हो गयी। प्रसूता के परिजनों का आरोप है कि, विभा कुमारी जब डॉक्टर नहीं थी, तब किस परिस्थितियों में गर्भवती महिला का पेट खोल दिया।
परिजनो का ये भी आरोप है कि प्रसव के दौरान महिला का नस कट गया, जिसके कारण रक्तस्राव शुरू हो गया था। दरभंगा में परिजनों ने चार बोतल खून दिया। उधर, महिला काजल कुमारी के मौत से आक्रोशित लोगों ने शव को बेनीपट्टी के डॉ राम उद्गार राम के क्लीनिक परिसर में रखकर जमकर हंगामा किया। हंगामा की सूचना मिलते ही एसएचओ सह पुलिस इंस्पेक्टर शिव शरण साह,सर्किक पुलिस इंस्पेक्टर नीरज वर्मा बेनीपट्टी थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुँच कर हो हल्ला शांत करा परिजनों को एफआईआर हेतु आवेदन देने और शव का पोस्टमार्टम कराने को कहा। उधर, सूचना पर एसडीपीओ अमित कुमार भी पहुँचे। एसडीपीओ ने भी परिजनों को कानून संवत कार्रवाई का भरोसा दिया। तथा शव की कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मधुबनी भेज दिया।



