
MADHUBANI: 33 लाख का खेल, बुडको ने माना सड़क-नाला योजना में ठेकेदार की मनमानी, कालीकृत की अनुशंसा
मधुबनी- 10 सितंबर। नगर निगम के वार्ड 42 में मुख्य सड़क से आरती कुमारी के घर तक सड़क एवं नाला निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदक पर आखिरकार बड़ी कार्रवाई की अनुशंसा हुई है। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लि. (बुडको), मधुबनी के परियोजना निदेशक ने पत्रांक 814, दिनांक 09/09/2026 द्वारा मुख्य महाप्रबंधक, उत्तर बिहार प्रमंडल, बुडको, पटना को पत्र भेजकर संवेदक को कालीकृत (Blacklisted) करने की अनुशंसा की है। पत्र में उल्लेख है कि मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना अंतर्गत यह कार्य M/s Shoka Enterprises, Prop. Ritu Devi, Ward No. 14/28 J.P. Colony, PS-Madhubani को आवंटित किया गया था। एकरारनामा के अनुसार कार्य अब तक पूर्ण हो जाना था, किन्तु आज तक शेष कार्य की प्रगति शून्य है। बुडको के पत्र में साफ लिखा है कि इस संबंध में पत्रांक 508 दिनांक 30.05.2026, पत्रांक 42 दिनांक 16.01.2026, पत्रांक 581 दिनांक 01.12.2025, पत्रांक 536 दिनांक 07.11.2025, पत्रांक 513 दिनांक 17.10.2025 एवं अंतिम स्मार पत्रांक 703 दिनांक 27.07.2026 के माध्यम से कई बार उचित दिशा-निर्देश दिए गए, बावजूद इसके संवेदक द्वारा कार्य को अंतिम रूप नहीं दिया गया।
पत्र में कहा गया है कि यह अत्यंत निन्दनीय, पूर्ण लापरवाही स्वेच्छाचारिता और वरिष्ठ पदाधिकारियों के निर्देश को गंभीरता से नहीं लेने तथा मनमानी आचरण को दर्शाता है। इसी दुर्लभ स्थिति को देखते हुए बाध्य होकर कालीकृत करने की अनुशंसा की गई है।
गौरतलब है कि इस अधूरे निर्माण के कारण वार्ड 42 के करीब 250 परिवारों को कीचड़, जलजमाव और टूटी सड़क का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी।
बतादें कि मधुबनी नगर निगम के वार्ड 42 में बुडको की 33 लाख 28 हजार की योजना बबनाई गई थी। मुख्य सड़क से आरडी कुजरी के घर तक सड़क और नाला निर्माण करना था। जिसका शिलान्यास 4 सितंबर 2025 को तत्कालीन उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने किया था। एजेंसी बुडको और ठेकेदार को 900 मीटर सड़क और नाला बनाना था, लेकिन ठेकेदार ने काम शुरू करने के 4 महीने बाद ही कई जगह से सड़क को उखाड़ कर अधूरा छोड़ दिया। सड़क खुदी पड़ी है, नाला बिना ढक्कन के खुला पड़ा है। बड़े-बड़े गड्ढों में कीचड़ और गंदगी से बुरा हाल है। ई-रिक्शा तक मोहल्ले में आना बंद कर दिया है। बच्चे स्कूल जाते हुए रोज गिरते हैं, बीमारों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो गया है।



