
गुरु पूर्णिमा : सत्य साई बाबा ने आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के महत्व पर बल दिया: प्रशांत कुमार
मधुबनी- 29 जुलाई। गुरु पूर्णिमा पर श्रीसत्य साई सेवा समिति के तत्वावधान में फतेहपुर स्थित भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। बुधवार की सुबह नगर संकीर्तन निकाली गई। दोपहर में नारायण सेवा कार्यक्रम के तहत लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। शाम में विशेष भजन और आध्यात्मिक परिचर्चा आयोजित किए गए। परिचर्चा को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि
श्रीसत्य साई बाबा ने इस प्राचीन आध्यात्मिक पर्व को पुनर्जीवित किया ताकि सभी आध्यात्मिक साधक गुरु की शिक्षाओं को श्रद्धापूर्वक याद कर सकें और मना सकें। यह वह अवसर है जब हम अपने आध्यात्मिक गुरु की शिक्षाओं को प्रतिदिन अपने जीवन में उतारने के लिए स्वयं को पुनः समर्पित करते हैं। श्रीसत्य सत्य साई बाबा ने सांसारिक ज्ञान के विपरीत आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के महत्व पर बल दिया और हम सभी से अपने जीवन गुरुओं का आदर और सम्मान करने की सीख दी। अध्यक्ष ने कहा कि बाबा ने अपने प्रवचन में बताया है कि सच्चा गुरु वही हैत जो शिष्य को अपने स्तर तक उठा सके और जिसमें अहंकार या स्वार्थ न हो। आज संसार में बहुत से लोग स्वयं को गुरु कहते हैं, इसलिए हमें विवेक का प्रयोग करके सच्चे गुरु के लक्षण पहचानने चाहिए। जो पूर्णतः निस्वार्थ, समभावियों से भरा और ईर्ष्या रहित हो।
अध्यक्ष ने कहा कि चंद्रमा मन का अधिष्ठाता देवता है। चंद्रमा द्वारा दर्शाया गया पूर्ण वृत्त प्रेम से परिपूर्ण मन का प्रतीक है। यह उस मन का प्रतीक है जो ज्ञान और पवित्रता से भरा होता है। हम यह दिन आध्यात्मिक गुरु को समर्पित करते हैं, जो अंधकार और अज्ञान को दूर करते हैं। परिचर्चा में अंजीत कुमार, गुणानंद यादव, राजकुमार प्रसाद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।



