
मधुबनी में झिझिया उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ: 100 से अधिक प्रतिभागियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, झिझिया को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का संकल्प
मधुबनी, 17 अक्टूबर। मिथिलांचल की समृद्ध लोकसंस्कृति एवं पारंपरिक लोकनृत्य झिझिया के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से बाबू साहेब चौक स्थित Wollywood Dance School में ‘झिझिया उत्सव 2026’ का भव्य शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं ‘जय माता दी’ के उद्घोष के साथ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संगीत नाटक अकादेमी, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सलाहकार (प्रलेखन) पवन झा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में मिथिला मिरर के संपादक श्री ललित नारायण झा एवं मिथिला पेंटिंग कलाकार कल्पना सिंह ने उपस्थिति दर्ज कराई।
*दिल्ली के कर्तव्य पथ वाली झिझिया बिटिया ने किया शुभारंभ*
समारोह का विशेष आकर्षण दिल्ली की Jhijhiya Bitiya Senior Group Team रही। इस समूह की बेटियों ने 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर झिझिया लोकनृत्य के माध्यम से मिथिला की सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व किया था। इस अवसर पर आयुषी प्रधान, चाहत, प्रिया पालक, प्रिया एवं सृष्टि राज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर उत्सव का शुभारंभ किया।
100 से अधिक प्रतिभागी, 5 बैचों में निःशुल्क प्रशिक्षण*
झिझिया उत्सव 2026 के अंतर्गत 100 से अधिक बच्चों एवं प्रतिभागियों ने भाग लिया है। सभी को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए अलग-अलग समय पर पाँच बैचों में निःशुल्क झिझिया प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। इसमें छोटी बच्चियों से लेकर 25 वर्ष तक की युवतियाँ उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं। यह प्रशिक्षण अष्टमी तक जारी रहेगा, जिसका समापन सांस्कृतिक उत्सव के साथ किया जाएगा।
आयोजकों का मुख्य उद्देश्य झिझिया को बिहार के आधिकारिक लोकनृत्य के रूप में मान्यता दिलाने की पहल को आगे बढ़ाना तथा डांडिया और गरबा की तरह इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाना है।
इस अवसर पर आयोजक विक्रांत कुमार ने कहा, “झिझिया केवल एक लोकनृत्य नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक पहचान है। इसे विलुप्त होने से बचाना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारा संकल्प है कि इसे बॉलीवुड तक पहचान मिले।
उन्होंने सभी अतिथियों, अभिभावकों, विद्यालयों के निदेशकों, प्रायोजकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।



