
मध्यप्रदेश:- ग्वालियर में ‘मौत’ बनकर दौड़ा ट्रक, मंदिर जा रहे 14 श्रद्धालुओं की कुचला, 28 जख्मी
ग्वालियर, 18 अक्टूबर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास शनिवार-रविवार की दरमियानी रात हुए सड़क हादसे में 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 28 लोग घायल हैं। इनमें सात की हालत गंभीर बताई गई है। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। सप्तमी पर शीतला माता के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं पर आधी रात बाद काल बनकर टूटा तेज रफ्तार ट्रक चीनौर रोड की ढलान पर अनियंत्रित होकर पुलिस के स्टॉपर तोड़ता हुआ श्रद्धालुओं, दुकानों और मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया। टक्कर से दीवार ढह गई और दर्जनों लोग मलबे में दब गए। पीड़ित परिवारों में मातम छाया हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सप्तमी के अवसर पर देवी दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को संभलने तक का मौका नहीं मिला। ट्रक ढलान पर तेजी से नीचे आया और चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। सड़क किनारे दुकानें लगी थीं। श्रद्धालु दर्शन से पहले प्रसाद खरीद रहे थे और मंदिर में प्रवेश के लिए आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान ट्रक ने भीड़ को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही पलों में धार्मिक उत्सव का माहौल चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया। कई लोग सड़क पर घायल पड़े थे, जबकि कुछ ट्रक और ढही हुई दीवार के नीचे दब गए थे।
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर घायलों को मलबे से बाहर निकालने में मदद की। ट्रक के नीचे फंसे लोगों को निकालने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रत्यक्षदर्शी सौरभ परिहार के मुताबिक, ट्रक को हटाने में दो से तीन घंटे तक लग गए। लोगों ने वाहन को हटाने के लिए टायर निकालने और जैक लगाने जैसे प्रयास भी किए। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए स्थानीय लोग लगातार जुटे रहे।
घटना के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों से मुलाकात की और चिकित्सकों से उनके उपचार की जानकारी ली। प्रशासन ने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मृतकों के शव अस्पताल पहुंचाए गए हैं। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की व्यवस्था की गई। उधर, हादसे के बाद परिवारों की सहायता, घायलों के उपचार और लापता लोगों की जानकारी जुटाने का काम जारी रहा।
सुबह आठ बजे तक ग्वालियर के 1000 बिस्तर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि की है। 29 लोग घायल हुए हैं। इनमें सात की हालत अभी भी गंभीर है। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड जवान भी हादसे में घायल हुए हैं। प्रशासन अन्य अस्पतालों में भर्ती लोगों की स्थिति और मृतकों की पहचान से जुड़ी जानकारी जुटा रहा है।
इस हादसे का सबसे दर्दनाक दृश्य अस्पतालों में देखने को मिला, जहां घायल परिजनों की सलामती की उम्मीद लिए परिवार पहुंचते रहे। किसी को अपने बेटे की तलाश थी, तो कोई भाई और भतीजे के बारे में जानकारी जुटा रहा था। अस्पताल परिसर में विलाप करते परिजनों की आंखों में असहायता और गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव के अनुसार, श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकी गई थी। इसके बावजूद भारी सामान से लदा ट्रक पुलिस के स्टॉपर तोड़ते हुए मंदिर की ओर पहुंच गया। ट्रक के बेकाबू होने के कारणों और सुरक्षा इंतजामों में संभावित चूक की जांच की जा रही है।
बताया गया है कि हादसे से करीब 15 मिनट पहले तक एसएसपी धर्मवीर सिंह घटनास्थल के आसपास यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। उनके वहां से निकलने के कुछ देर बाद दुर्घटना हुई। हादसे में जान गंवाने वाली सरला तोमर के भतीजे लोकेंद्र सिंह तोमर ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम किए थे, तब ट्रक अंदर कैसे पहुंचा और उसे प्रवेश किसने दिया? उनका कहना है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार, चीनौर की ओर से ऊंचाई वाले मार्ग से आ रहा ट्रक अनियंत्रित होकर मंदिर की ओर घुस गया। मौके पर लगे स्टॉपर टूटे हुए मिले। ट्रक श्रद्धालुओं और सड़क किनारे लगी दुकानों को कुचलता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार से टकराया, जिससे दीवार गिर गई। दीवार गिरने से बड़ी संख्या में लोग मलबे में दब गए थे।
हादसे में अब तक जिन मृतकों की पहचान हो सकी है, उनमें विमलेश, गौरव परिहार, छोटू जाटव, शौर्य शर्मा , देवेश बघेल, सरला तोमर, सत्येंद्र गुर्जर, महेश शर्मा शामिल हैं। वहीं, घायलों में यश शर्मा, आशु शर्मा, महेश शर्मा , अनुज शर्मा, जानवी पाल, कौशिक पाल, राजेश सिंह, रीतेश, मनीष, राज बहादुर, मुन्नुद्दीन खान, राजेन्द्र शर्मा , शुभम राठौर , पवन राठौर, शिवम शर्मा, अनुप्रिया गोस्वामी, सोनू तोमर, रवि कुशवाह, सपना शर्मा, शैलेंद्र, मोहिनी कुशवाह तोमर, राधा राठौर, निकेश जाटव , विवेक राठौर, सावन मौर्य , आदित्य यादव, सब्बी , गौरव परिहार, आकाश बघेल समेत पांच अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।



