
मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना ग्रामीण बेटियों के सम्मान और पंचायतों के विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल: टिंकू कसेरा
मधुबनी- 31 जुलाई। जनता दल (यू) व्यवसाय उद्योग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एवं नागरिक परिषद मधुबनी के सह उपाध्यक्ष टिंकू कसेरा ने बिहार सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण बेटियों के सम्मान,महिला सशक्तिकरण तथा पंचायतों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में आधुनिक एवं सुविधायुक्त विवाह मंडप का निर्माण कर ग्रामीण परिवारों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह एवं अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे विवाह समारोहों पर होने वाले अनावश्यक खर्च में कमी आएगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी सामुदायिक आधारभूत संरचना विकसित होगी।
टिंकू कसेरा ने कहा कि प्रथम चरण में राज्य की 1,337 ग्राम पंचायतों के लिए ₹73 करोड़ 53 लाख 50 हजार की राशि स्वीकृत की गई है तथा जहाँ भूमि उपलब्ध है, वहाँ निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। यह योजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने, स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा पंचायतों को सामाजिक गतिविधियों का सशक्त केंद्र बनाने का भी कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार लगातार बेटी सम्मान,महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास की भावना के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना इसी सोच का सशक्त उदाहरण है। आने वाले समय में प्रत्येक पंचायत में ऐसी आधुनिक सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी तथा सामाजिक आयोजनों के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा।
टिंकू कसेरा ने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ शीघ्र से शीघ्र ग्रामीण जनता तक पहुँच सके।
अंत में टिंकू कसेरा ने बिहार सरकार, पंचायती राज विभाग तथा मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी का इस जनकल्याणकारी योजना के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की ग्रामीण विकास की सोच को आगे बढ़ाते हुए यह योजना विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।



