
BIHAR:- सचिवालय में घुसे STETअभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज
पटना- 24 फरवरी। साल 2019 में एसटीइटी पास अभ्यर्थियों ने गुरुवार को सचिवालय में जमकर बवाल किया। अभ्यर्थी सर्टिफिकेट से मेरिट और नॉन मेरिट का कॉलम हटाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि सरकार जब तक उनकी बात नहीं मानेगी तब वे यहीं डटे रहेंगे। क्वालिफाई होने के बावजूद मेरिट में शामिल नहीं होने वाले छात्र सचिवालय कैंपस में घुस गए। गेट पर तैनात गार्ड ने जब रोकने की कोशिश की तो उसे धकेल दिया और अंदर घुस गए। गुस्साए छात्रों ने बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर का पुतला भी फूंका।
आक्रोशित अभ्यर्थियों पर काबू पाने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पहले अभ्यर्थियों को समझाने की कोशिश की लेकिन जब वे नहीं माने तो पुलिस ने लाठी चार्ज किया। आरोप है कि पुलिस कई अभ्यर्थियों को घसीटते हुए सचिवालय कैंपस के बाहर ले गई। इस दौरान कई अभ्यर्थी घायल हो गए। पुलिस ने करीब आधा दर्जन छात्रों को हिरासत में भी लिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि हम लोगों पर पुलिस ने बर्बर तरीके से लाठियां बरसाई हैं। पुलिस ने न सिर्फ बेरहमी से पीटा, बल्कि सड़क पर घसीटा भी। तीन अभ्यर्थियों के सिर में चोटें आई है, जबकि एक अभ्यर्थी जख्मी हो गई है।
अभ्यर्थियों ने कहा कि शिक्षा मंत्री का कहना है कि जो अभ्यर्थी पास होंगे उन्हें क्वालिफाइड या नॉनक्वालिफाइड श्रेणी में रखा जाएगा लेकिन जब हम लोगों को सर्टिफिकेट मिला तो उसमें क्वालिफाइड तो लिखा था लेकिन साथ ही नॉट इन मेरिट लिस्ट भी जोड़ दिया गया था। मेरिट और नॉन मेरिट की बात की जानकारी नहीं दी गई थी। यह गलत है। सरकार जल्द से जल्द हमारी मांग पूरी करें।
2019 में 80402 एसटीइटी अभ्यर्थी क्वालिफाइड हुए थे। इनमें से 30675 अभ्यर्थियों को मेरिट लिस्ट में रख दिया गया और बाकी को नॉन मेरिट लिस्ट में रखा गया। अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले और अपने बात पर कायम रहें। अभ्यर्थियों का कहना है कि जबतक उनकी बात नहीं मानी जाएगी, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान अभ्यर्थियों ने पुलिस पर ज्यादती का भी आरोप लगाया।



