
BIHAR:- दुहबी में ‘चाची राज’ का अंत: NIA ने 12 ठिकानों पर जड़ा ताला, किराना दुकान की आड़ में चल रहा था काला साम्राज्य
मधुबनी- 09 अक्टूबर। भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी का पर्याय बनी दुहबी बाजार की कुख्यात हीरा महासेठ उर्फ ‘चाची’ के काले साम्राज्य पर आखिरकार ताला लग गया है। न्यायालय के आदेश पर NIA की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चाची और उसके पति भरत महासेठ के 12 ठिकानों को एक साथ सील कर दिया है।
दो दर्जन से अधिक वाहनों में सवार NIA, STF, SSB और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने दुहबी बाजार पहुंचते ही पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। कुछ ही देर में पूरा बाजार पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने फिल्मी अंदाज में एक साथ सभी ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया।
कार्रवाई के दौरान सभी जगहों पर मजिस्ट्रेट के तौर पर बासोपट्टी थानाध्यक्ष कार्तिक भगत, बीडीओ अनिल कुमार और सीओ विकास कुमार मौजूद रहे। टीम ने भरत महासेठ की मुख्य किराना दुकान और गोदाम सहित 12 संपत्तियों को सील किया है। इस ऑपरेशन का नेतृत्व ग्रामीण एसपी शिवम धाकड़ और जयनगर डीएसपी सदानंद कुमार कर रहे थे, जिसमें फुलपरास, पंडौल, जयनगर सहित कई थानों की पुलिस शामिल थी।
जाली नोट से चरस तक फैला था जाल—
जांच में खुलासा हुआ है कि चाची का नेटवर्क भारत और नेपाल दोनों देशों में फैला है। खुले बॉर्डर का फायदा उठाकर किराना दुकान की आड़ में यह सिंडिकेट कई वर्षों से सक्रिय था।
बीते 02 अगस्त को इसी दुकान से भरत महासेठ और उसके रिश्तेदार शिव कुमार राउत उर्फ मेहमान को 50,150 रुपये के जाली भारतीय नोट के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया था। इसके बाद चाची की भी गिरफ्तारी हुई थी। वहीं 15 सितंबर को STF और पुलिस ने चरस तस्करी मामले में भी कार्रवाई की थी। दोनों के खिलाफ NDPS एक्ट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं और अब इनकी अकूत संपत्ति पर NIA की कड़ी नजर है।



