
23 सितंबर से ईरान की सभी एयरलाइंस बंद होंगी, अमेरिकी वित्त सचिव का दावा
न्यूयॉर्क- 22 सितंबर। अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि 23 सितंबर से ईरान की सभी एयरलाइंस बंद कर दी जाएंगी। सीएनबीसी के “स्क्वाक बॉक्स” प्रोग्राम में बेसेंट ने कहा, “हम ऐसा कैसे करेंगे? अगर वे कहीं उतरती हैं, तो आप उन्हें फ्यूल नहीं दे सकते। आप उन्हें लैंडिंग सर्विस नहीं दे सकते, आप उन्हें टिकट नहीं बेच सकते, वरना आपको डॉलर सिस्टम से बाहर कर दिया जाएगा।” वित्त सचिव ने कहा कि वाशिंगटन ईरान पर पहले से कहीं ज्यादा दबाव डाल रहा है।
अमेरिका दुनिया भर में ईरान की मदद करने वालों को उनके बैंकों पर प्रतिबंध लगाकर रोक रहा है। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्रालय ने पिछले हफ्ते रूस के सरकारी वीटीबी बैंक पर नए प्रतिबंधों की घोषणा इसी आशय से की थी। यह ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की कोशिश का हिस्सा है।
इस घटनाक्रम के बीच ब्रिटेन ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब का समर्थन करने का ऐलान किया है। रॉयल एयर फोर्स सऊदी विमानों को हवा में ही फ्यूल भरने (एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग) की सुविधा देगी। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने पत्रकारों को बताया कि यह व्यवस्था कुछ हफ्तों के लिए होगी और इसकी समीक्षा लगातार की जाएगी। यह कदम तब उठाया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सप्ताहांत में विद्रोहियों के खिलाफ मदद के लिए रियाद के अनुरोध को ठुकरा दिया था।
हूती विद्रोहियों ने हाल ही में लाल सागर में यमन के पेरिम द्वीप पर कब्जा कर लिया है। इससे बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर उसकी पकड़ मजबूत हो गई है। इससे ईरान और उसके सहयोगी दो बेहद अहम तेल ‘चोक पॉइंट’ – बाब अल-मंदेब और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण करने की स्थिति में आ गए हैं। बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य तेल निर्यात के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का एक अहम विकल्प है, खासकर सऊदी अरब के लिए। सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन उसे कुछ तेल की सप्लाई को लाल सागर से निर्यात करने की सुविधा देती है।



