
MADHUBANI:- अधिवक्ता पर पेशेवर कदाचार का आरोप, बार काउंसिल ऑफ इंडिया में शिकायत
मधुबनी- 15 अक्टूबर। शहर के तिलक चौक निवासी आरटीआई एवं सोशल एक्टिविस्ट बीरेन्द्र कुमार निधि ने जिला अधिवक्ता संघ मधुबनी के अधिवक्ता लालू प्रधान के विरुद्ध पेशेवर कदाचार की शिकायत बिहार राज्य बार काउंसिल पटना और बार काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में दर्ज कराई है।
शिकायत के अनुसार सीआर केस संख्या-06/2026 (हुस्न बानो बनाम मो. आसिफ मास्टर) में परिवादिनी की बिना सहमति के मुदालह संख्या-7 वीरेन्द्र कुमार निधि और उनके पुत्र अभिषेक कुमार निधि (मुदालह संख्या-6) का नाम पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामले में अभियुक्त के रूप में जोड़ दिया गया।
जब परिवादिनी हुस्न बानो को इसका पता चला तो उसने 23.06.2026 को विशेष पॉक्सो न्यायालय, मधुबनी में शपथ-पत्र देकर कहा कि बीरेन्द्र कुमार निधि व अभिषेक कुमार निधि ने मेरे साथ कभी कोई घटना नहीं की। दिनांक 10.07.2026 को न्यायालय में आवेदन देकर कहा कि अधिवक्ता ने अपने निजी कारण से नाम जोड़ा है, हटाया जाए। पकड़े जाने के भय से उक्त अधिवक्ता ने उसी दिन परिवादिनी को बहला-फुसलाकर पूरा परिवाद ही वापस लेने का आवेदन दिलवा दिया।
शिकायतकर्ता बीरेन्द्र कुमार निधि ने इसे अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 35, बार काउंसिल ऑफ इंडिया नियमावली भाग-6, अध्याय-2 के नियम 22, 24, 33 का घोर उल्लंघन बताया है।
बिहार स्टेट बार काउंसिल पटना में परिवाद 10.08.2026 को दायर होने के बाद इसकी प्रति 12.10.2026 को बार काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली को भेजी गई है। उन्होंने जनहित में अधिवक्ता के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई और लाइसेंस निलंबित करने की मांग की है।



