
सिर्फ नक्सलवाद खत्म करना काफी नहीं, प्रभावितों के दर्द को दूर करना भी सरकार की जिम्मेदारी : अमित शाह
दंतेवाड़ा, 15 अक्टूबर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केवल नक्सलवाद खत्म करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पांच दशकों से हिंसा प्रभावित लोगों के दर्द को दूर करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। श्री शाह छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में दिव्यांग सहायक उपकरण शिविर के वर्चुअल शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने पिछले पांच दशकों में बस्तर क्षेत्र के गरीब आदिवासियों को गहरी चोट पहुंचाई है। नक्सलवाद के कारण दिव्यांग हुए लोगों के जीवन में फिर से खुशियां लाना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और सम्मान के साथ जीवन जीने में मदद करना सरकार की प्राथमिकता है।
3,600 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित—
गृह मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 5 से 7 अक्टूबर के बीच जगदलपुर में सहायता उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस अभियान से 3,600 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए, जिनमें अकेले बस्तर के 1,570 से अधिक लाभार्थी शामिल थे।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े बस्तर के दर्द और गरीब आदिवासी परिवारों पर नक्सलवाद के प्रभाव को दर्शाते हैं। बड़ी संख्या में लोगों को हिंसा के कारण दिव्यांगता का सामना करना पड़ा, जिससे उनके सामान्य जीवन और आजीविका पर असर पड़ा।
शाह ने कहा कि नक्सलवाद के कारण जिन लोगों ने अपने हाथ-पैर गंवाए, सुनने की क्षमता या आंखों की रोशनी खोई, उनकी मदद करना बेहद जरूरी है। कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण मिलने से वे दोबारा रोजमर्रा के काम करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
तीन साल बाद अपने हाथ से पानी पी सका’
श्री शाह ने अभियान के एक लाभार्थी का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति की बात सुनी, जिसे इस कार्यक्रम के तहत सहायता मिली। उस व्यक्ति ने बताया कि तीन साल बाद वह अपने हाथ से गिलास उठाकर खुद पानी पी सका। यह सुनकर बेहद खुशी हुई। किसी जरूरतमंद को फिर से अपने दैनिक कार्य स्वयं करने में सक्षम बनाना उसे आत्मसम्मान लौटाने का भी प्रयास है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद समाप्त करने का दृढ़ संकल्प लिया था, अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। अब नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए भी इसी तरह के ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। ‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य केवल उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और सम्मानजनक जीवन में सहयोग देना है।



